भारत-पाकिस्तान के अंतरर्राष्ट्रीय वाघा बार्डर पर जीरो लाइन तक पहुंचने वाले स्कार्पियो चालक एनआरआई का असली मकसद सामने आ गया है। देखिए, पूछताछ में क्या कबूला वो?
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वाघा बॉर्डर पर पकड़ा NRI क्यों जाना चाहता था पाकिस्तान?
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बीएसएफ के सीनियर प्रवक्ता और डीआईजी आरएस कटारिया ने बताया कि पाक सीमा में जाने से पहले ही बीएसएफ ने एनआरआई को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया शख्स सुरिंदर सिंह कंग (42) सरे, कनाडा का निवासी है। मूल रूप से वह जालंधर के नकोदर के गांव अधारमन का है।
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प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के मनोरोगी होने की बात सामने आई है। वह पाकिस्तानी क्षेत्र में स्थित सिख धार्मिक स्थल ननकाना साहिब में मत्था टेकने जाना चाहता था लेकिन इसके लिए वह वीजा और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने पर समय व्यर्थ नहीं करना चाहता था। उसके पास वीजा नहीं है।
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सुरिंदर सिंह 1995 से कनाडा में रह रहा था और नौ नवंबर को ही भारत आया था। रविवार को वह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने गया था। इसके बाद वह अटारी की तरफ चला गया। वीजा न होने के कारण उसने सड़क मार्ग से ननकाना साहिब जाने की कोशिश की और वाघा बार्डर पर पकड़ा गया।
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वाघा बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल की 24 घंटे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है। इसके बावजूद एक व्यक्ति वाघा सीमा के दो गेट तोड़ गया। इससे सुरक्षा बल सवालों के घेरे में आ गए हैं। इस मामले को पेरिस हमले से भी जोड़ा जा रहा है। पेरिस हमले के बाद देश के सभी हिस्सों में सख्ती कर दी गई। खासकर सभी सीमाओं पर सुरक्षाबलों की चौकसी को बढ़ा दिया गया है।
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बीएसएफ के सीनियर प्रवक्ता और डीआईजी आरएस कटारिया ने बताया का नंबर चंडीगढ़ का है। सुरिंदर कनाडा का रहने वाला है और 5 महीने के वीजा पर भारत 9 नवंबर को ही आया है। वह मानसिक रोगी भी बताया जा रहा है। पंथक संगठनों द्वारा बुलाए गए सरबत खालसा में भी उसने भाग लिया था।