नवरात्रि 2017: मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा भाव के चलते लोग नवरात्रि के व्रत रखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के व्रत रखने के कई फायदे भी होते हैं, जो आपकी उम्र लंबी करते हैं।
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नवरात्र में नौ दिनों का उपवास का विशेष स्थान है। नवरात्र में उपवास रखने पर शरीर पूर्ण रूप से फिट रहता है। यह कहना है गांधी स्मारक भवन स्थित प्राकृतिक चिकित्सा विभाग के डायरेक्टर डॉ देवराज त्यागी का।
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उन्होंने कहा कि ठीक विधि से उपवास रखने पर इसका परिणाम चमत्कारी होता है। उन्होंने कहा कि उपवास के प्रभाव से ज्ञानेंद्रियां सजग, सबल और निर्मल बनती हैं। उपवास शरीर शोधन के साथ साथ इच्छा शक्ति और आत्म मंथन की वृत्ति को सशक्त करता है।
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डॉ देवराज त्यागी का कहना है कि उपवास से हमें सौंदर्य, आत्म विश्वास, सहनशीलता और गौरव-गरिमा जैसी अमूल्य निधियां प्राप्त होती है। नवरात्र उपवास की विशेषता यह है कि यह मौसम बदलने के अवसरों पर किए जाते हैं। एक बार तब, जब ऋतु सर्दी से गर्मी की ओर जाती है। और दूसरी बार गर्मी से सर्दी की ओर बढ़ती है।
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नवरात्रि
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि ऋतु परिवर्तन के इन मोड़ों पर अधिकतर लोग सर्दी जुकाम, बुखार, पेचिश, मल, अजीर्ण, चेचक, हैजा, इन्फलूएंजा के रोगों से पीड़ित हो जाते हैं। ऋतु परिवर्तन मानव शरीर में छिपे हुए विकारों को एवं ग्रंथी-विषों को उभार देता है। इसलिए उस समय उपवास द्वारा उनको बाहर निकाल देना ही लाभकारी है।
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नवरात्रों में किया गया उपवास वर्ष के दूसरे अवसरों पर किए गए साधारण उपवासों से अधिक महत्वपूर्ण है। यह व्रत शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक सभी स्तरों पर अपना प्रभाव छोड़ जाता है। उपवास करनेवालों को कल्याणकारी मार्ग की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा और क्षमता प्रदान करता है।
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- फोटो : amar ujala
धार्मिक उपवासों का हेतु स्वास्थ्य लाभ का न रहकर पुण्य धर्म लाभ का रहता है। यदि धर्मिक उपवास करने वाले शरीर-स्वास्थ्य को ध्यान में रखे और इसको भी पुण्य माने, तो उनका उपवास अधिक आनंद देनेवाला बन सकता है।
डॉ देवराज त्यागी का कहना है कि वैज्ञानिकों ने रिसर्च करके बताया है कि उपवास काल में शरीर प्राय: अतिरिक्तचर्बी-कोष का ही उपयोग ईंधन के रूप में करता है जिससे उनको विभिन्न अवयवों को संचालित करने की शक्ति प्राप्त होती है। अतिरिक्त चर्बी- कोष की कमी से शरीर का मोटापा कम होता है, लेकिन जीवन शक्ति बढ़ जाती है।