नवजोत सिद्धू ने क्रिकेट जगत के कई किस्सों से पर्दा उठाया। उनमें से एक किस्सा वीरेंद्र सहवाग और शोएब अख्तर का भी था। देखिए
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Navjot singh sidhu
- फोटो : File Photo
पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग के फेस्ट के दूसरे दिन स्टूडेंट्स कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का इंतजार कर रहे थे और जैसे ही सिद्धू ने ऑडिटोरियम में एंट्री ली तो उनका जोरदार स्वागत हुआ। सिद्धू ने भी अपने अंदाज में कहा ‘बड़ा करंट है सभी में’ ठोको फिर इसी बात पर। नवजोत सिंह सिद्धू पीयू के स्टूडेंट्स को मोटिवेट करने आए थे।
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नवजोत सिद्धू
- फोटो : File Photo
इसके लिए उन्होंने अपने और साथी खिलाड़ियों के खेल कैरियर और युवा अवस्था की कुछ बातें बताई, ताकि युवाओं में जोश भर सकें। उन्होंने सफलता का मूल मंत्र देते हुए कहा कि ‘यह शार्टकट से नहीं, जुनून से मिलती है’। साथ ही उन्होंने युवाओं से कहा कि जिंदगी में कभी बेचारे मत बनना।
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Navjot Singh Sidhu
अख्तर ने सहवाग को छेड़ा तो मिला करारा जवाब
एक मैच में शोएब अख्तर की गेंद विरेंद्र सहवाग समझ नहीं पा रहे थे। लगातार तेज गेंद फेंकने के बाद सहवाग को छेड़ते और कहते हूक मारो ना। जब तीन बार ऐसा हुआ तो सहवाग ने शोएब को कह ही दिया, भाई साहब बॉल करो ना, भीख क्यों मांग रहे हो? ऐसे ही कई किस्से नवजोत सिंह ने स्टूडेंट्स को सुनाए और हर किस्से के पीछे तर्क दिया कि ऐसे ही कोई बड़ा नहीं बनता। सिद्धू ने साफ शब्दों में कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कड़ी मेहनत के बाद सफलता जरूर मिलती है।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : File
सचिन तेंदुलकर से मिली प्रेरणा
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि वह हमेशा सचिन तेंदुलकर की प्रशंसा करते हैं। क्योंकि ये बहादुरी और न डरने वालों की सबसे बड़ी मिसाल है। सिद्घू ने सचिन के भी कुछ किस्से सुनाए। सिद्धू सचिन को टिंगलेया कहकर बुलाते थे। सचिन अपने कैरियर की शुरूआत में थे और मैच वेस्टइंडीज के साथ चल रहा था। सिद्धू के मुताबिक वेस्टइंडीज के लंबे-लंबे बॉलरों की उन्हें समझ नहीं पड़ रही थी तो सचिन को जाकर कहा कि टप्पा पड़ने के बाद बॉल न जाने कहां से निकल रही।
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सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली
जब बैटिंग साइड पर सचिन आए तो उन्होंने क्रीज से बाहर आकर छक्का मार दिया। सचिन को जाकर पूछा कि यह कैसे किया तो उसने जवाब दिया कि आपने ही तो कहा था टप्पा पड़ने के बाद बॉल का पता नहीं चल रहा, इसलिए बॉल को टप्पा पड़ने से पहले ही मार दिया। इसी तरह एक बार सचिन के नाक से खून बह रहा था, लेकिन फिर भी उसने वकार यूनूस को दो चौके मारे। ऐसे कई किस्से हुए जब सचिन को देखकर आत्मविश्वास मिला।
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कपिल देव
कपिल देव का किस्सा आत्मविश्वास की मिसाल
सिद्धू ने कपिल देव से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। कपिल देव ने एक मैच में नौ विकेट ले लिए और पूरे विश्व की मीडिया उनका इंटरव्यू लेना चाहती थी। सिद्धू ने कपिल को यह कहते हुए रोका कि पंगा ना लो, अंग्रेजी आती नहीं है। इससे अच्छा है फिल्म देखने चलते हैं। लेकिन कपिल देव नहीं माने और अंग्रेजी मीडिया का सामना करने चले गए। बार-बार अंग्रेजी में अंदाज बदलकर यही सवाल दागा गया कि इंडिया दूसरा कपिल देव क्यों पैदा नहीं कर पा रही?
अब कपिल देव को जितना समझ आया, उस लिहाज से उन्होंने टूटी-फूटी अंग्रेजी में जवाब दिया कि मेरी मां अब 62 साल की हो गई है। अब दूसरा कपिल पैदा करना संभव नहीं है और इतना कहकर वहां से निकल लिए। सिद्धू ने कहा कि इस किस्से को सुनाने का मकसद है कि कभी डरो मत, चुनौतियों का सामना करो। कपिल देव एक ऐसे स्कूल से पढ़कर आए थे, जहां आठवीं में अंग्रेजी पढ़ना सीखाया जाता है। उन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी, लेकिन फिर भी उन्होंने अंग्रेजों का सामना किया। सिद्धू ने तब अपने अंदाज में एक शेर भी सुनाया...दुनिया में सबसे बड़ा रोग, मेरे बारे में क्या सोचेंगे लोग...।