किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरे पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आए और करीब डेढ़ साल बाद ऐसा हुआ है।
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नवजोत सिद्धू
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धू की अब तक की राजनीति में यह पहली बार है जब उन्होंने टकराव की रणनीति छोड़कर समस्याओं के समाधान पर बल दिया है। वहीं सिद्धू ने जिस प्रकार अपने इस कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के रंग को नजरंदाज किया है, उससे स्पष्ट है कि वे हाईकमान के साथ मुख्यमंत्री को अपने भीतर छिपी विद्रोह की चिंगारी की झलक दिखाने को आतुर हैं।
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नवजोत सिद्धू
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धू का साथ देने के लिए कोई भी स्थानीय नेता मौजूद नहीं था। सिद्धू ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी राजनीतिक पार्टियों से इस कानून के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया। प्रदर्शन की रूपरेखा तय करने के लिए सिद्धू ने सोमवार व मंगलवार को अपने निवास स्थान पर समर्थकों के साथ बैठक की थी।
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नवजोत सिद्धू
- फोटो : अमर उजाला
बैठक में ही तय कर लिया गया था कि प्रदर्शन के दौरान कोई भी कार्यकर्ता कांग्रेस का झंडा लेकर नहीं आएगा। होर्डिंग में केवल किसानों की फोटो लगेगी। इसमें सिद्धू की फोटो भी होगी। मीडिया से बातचीत में भी सिद्धू ने न शिअद के किसी नेता के विरुद्ध कुछ कहा और न ही पार्टी के भीतर बैठे अपने विरोधियों पर कोई तंज कसा।
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नवजोत सिद्धू
- फोटो : अमर उजाला
हरसिमत कौर बादल के इस्तीफे पर पूछे गए सवाल पर सिद्धू ने कहा कि वे यहां किसानों की समस्या का समाधान ढूंढने आए हैं, किसी टीवी चैनल की टीआरपी बढ़ाने नहीं। सिद्धू ने किसी भी होर्डिंग में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित मुख्यमंत्री और नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी की फोटो नहीं लगाया।