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देश के 8 खिलाड़ी, जो हॉकी लेजेंड मेजर ध्यानचंद की राह पर हैं और कई मुकाबलों में रच चुके हैं इतिहास

Wed, 29 Aug 2018 03:02 PM IST
संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हॉकी इंडिया
नेशनल स्पोर्ट्स डे के मौके पर हम आपको सुना रहे हैं देश के उन 8 होनहार खिलाड़ियों की कहानी, जो मेजर ध्यानचंद की विरासत की आगे बढ़ाते हुए इतिहास रच रहे हैं, उनके जज्बे को सलाम।
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major dhyan chand - फोटो : bbc
विश्व में हॉकी के जादूगर के नाम से मशहूर रहे ध्यान चंद के जन्मदिवस पर हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया जाता है। ध्यान चंद ने 1928, 1932 और 1936 में भारत को तीन बार ओलंपिक चैंपियन बनाया। उन्हें हॉकी में गेंद पर नियंत्रण की महारथ हासिल थी। उन्होंने अपने करियर के दौरान 400 से अधिक गोल किए। भारत सरकार ने 1956 में भारत के तीसरे उच्चतम सम्मान पद्म भूषण के साथ ध्यानचंद को सम्मानित किया। इसलिए उनका जन्मदिन 29 अगस्त भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 
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ध्यानचंद - फोटो : SELF
हॉकी के इस जादूगर की याद में चंडीगढ़ स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट कर ओर से पिछले 15 से अधिक सालों से 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया जाता है। जहां पर एक फ्रेंडली मुकाबला कराया जाता है। इसके बाद हॉकी चंडीगढ़ की ओर से युवा हॉकी खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाता है। एक समय संसारपुर, माहिलपुर होशियारपुर के साथ पंजाब के कई जिले हॉकी के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। हॉकी के दिग्गज अब चंडीगढ़ में बन रहे हैं। इस सिटी के जूनियर और सीनियर स्तर के खिलाड़ियों ने देश और विदेशों में कई बार जीत हासिल की।

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हॉकी इंडिया
चंडीगढ़ से उभरे सितारे
चंडीगढ़ से हॉकी में राजपाल सिंह जैसे खिलाड़ी ने भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की। वहीं ओलंपियन धर्मवीर, ओलंपियन रूपिंदरपाल सिंह भी चंडीगढ़ की स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट सेक्टर-42 की हॉकी अकादमी के प्रोडक्ट हैं और भारतीय सीनियर टीम के मेंबर्स भी हैं। इसके साथ हरजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, गगनदीप, हरजोत, गुरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह, गुरजंट सिंह, मनदीप सिंह, विशाल। वहीं जूनियर लेवल पर यूथ ओलंपिक में जगह बना चुके संजय और मनिंदर शामिल हैं।
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रुपिंदरपाल सिंह
रुपिंदरपाल सिंह
हॉकी के ओलंपियन है और मौजूदा समय में इंडोनेशिया में चल रहे एशियन गेम्स में भारत को पूल ए में टॉप पोजीशन पर पहुंचने में इस खिलाड़ी का महत्वपूर्ण योगदान है। मूलरूप से पंजाब के  फरीदकोट के रहने वाले है और हॉकी की एबीसीडी इन्होंने चंडीगढ़ स्थित हॉकी अकादमी से सीखी। इस समय वर्ल्ड के टॉप ड्रैग फिल्कर हैं। इनकी पुश से निकली हुई गेंद सीधे विरोधी टीम के गोल पोस्ट पर जाती हैं।
 
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धर्मवीर सिंह
धर्मवीर सिंह
मूल रूप से पंजाब के रोपड़ के रहने वाले हैं। चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-42 हॉकी अकादमी में युवा अवस्था में ही हॉकी सीखने पहुंच गए। यहां पर सीखने के बाद पहले जूनियर और फिर भारतीय सीनियर हॉकी टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे। लंदन ओलंपिक 2012 में भारतीय टीम को नेतृत्व कर चुके है। दो बाद वर्ष 2010, 2014 में एशियन गेम्स और 2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय सीनियर हॉकी टीम से खेल चुके हैं। कई अहम मौकों पर भारत को जीत दिला चुके हैं।
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राजपाल सिंह
राजपाल सिंह
चंडीगढ़ के खालसा कॉलेज के छात्र रहे हैं। हॉकी की तैयारी करते हुए पहले टीम में जगह बनाई और उसके बाद भारतीय हॉकी के कप्तान भी बने। हॉकी में शानदार प्रदर्शन के चलते राजपाल सिंह को अर्जुन अवार्ड मिल चुका है। इस खिलाड़ी ने एशियन गेम्स, एशिया कप, कॉमनवेल्थ गेम्स और कई इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलते हुए देश का मान बढ़ाया।

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गुरजिंदर सिंह
गुरजिंदर सिंह
वर्ष 2014 में चैंपियंस ट्राफी के में उनके शानदार प्रदर्शन के चलते बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के खिताब से नवाजा जा चुका है। हॉकी इंडिया लीग में भी अपने प्रदर्शन के चलते बेस्ट प्लेयर का अवार्ड अपनी झोली में डाल चुके हैं। चंडीगढ़ स्थित सेक्टर 42 हॉकी अकादमी से सीखी।

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गुरजंट सिंह
गुरजंट सिंह
जूनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम के मेंबर रहे। हॉकी के बेस्ट प्लेयर्स में इस खिलाड़ी का नाम शामिल है। वर्ष 2016 में जूनियर वर्ल्ड कप , वर्ष 2017 में एशिया कप खेल चुके हैं। मूल रूप से अमृतसर के रहने वाले है और चंडीगढ़ से हॉकी की शुरूआत करते हुए इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई।

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हरजोत सिंह
हरजोत सिंह
भारतीय हॉकी टीम में गोलकीपर की भूमिका निभाते आ रहे हैं। वर्ष 2013 जूनियर वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके है। वर्ष 2014 में हॉकी वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुके हैं। गोल पोस्ट पर मुस्तैदी के चलते विरोधी टीमों के गोलों को नाकाम करने की इस खिलाड़ी की बड़ी खूबी रही हैं।

 
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हॉकी इंडिया
संजय सिंह सेक्टर 42 स्थित हॉकी अकादमी में है और जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा हैं। स्कूल एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम के कप्तान रह चुके है। एशियन यूथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली जूनियर टीम के मेंबर रहे। अब यूथ ओलंपिक गेम्स केलिए चयनित हुए हैं।

मनिंदर सिंह सेक्टर 42 स्थित हॉकी अकादमी में है और जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा हैं। पिछले हप्ते ही यूथ ओलंपिक गेम्स केलिए चयनित टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। चंडीगढ़ केयुवा हॉकी खिलाड़ियाें के टॉप प्लेयर्स में इनकी गिनती होती है।
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