चंडीगढ़ के गीता सुलारिया से मिलिए, इनके घर की खासियत यह है कि इनका घर, घर नहीं गार्डन जैसा दिखाई देता है। आप खुद देखिए
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गीता सुलारिया का घर गार्डन जैसा
वैसे तो हमारे देश में बनारसी पान और गार्डन में सजाने का चलन है लेकिन चंडीगढ़ सेक्टर- 18 की रहने वाली गीता सुलारिया ने अपने घर में मलयेशिया का कपूरी किस्म पान लगाया है। यह गार्डन की खूबसूरती के साथ घर में होने वाली पार्टी में भी आए मेहमानों को भी खिलाया जाता है।
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गीता सुलारिया का घर गार्डन जैसा
अमर उजाला से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि गार्डन में पान की सजावट नहीं थी। मैंने अपने गार्डन को मलयेशिया के पान से सजाने का संकल्प लिया। मैं मलयेशिया गई और वहां से पान का पौधा लेकर आई। इसकी खूबी यह है कि इसे खाने से सुगंध देर तक बनी रहती है। गार्डन में इसका पत्ता कभी पीला नहीं होता है। यह हमारे गार्डन की साज सज्जा में चार चांद लगा रहा है।
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गीता सुलारिया का घर गार्डन जैसा
गीता सुलारिया ने बताया कि ‘मेरे गार्डन में 50 से ज्यादा किस्म के गुलदाऊदी पौधे हैं। इन फूलों की महक घर को सुगंधित किए रहती है। मैं सुबह उठकर फूलों को खुद पानी देती हूं। इस काम में मेरे पति एसएस सुलारिया मदद करते हैं। मैंने गार्डन में जम्मू कश्मीर का साइंकिलिस्ट का पौधा लगाया है। वहीं कोचीन के लाए मनी प्लांट्स लगाए गए हैं। इस प्लांट की खासियत है यह कभी पीला नहीं होता है।
वहीं घर में 10 से ज्यादा किस्म के पाम के पौधे लगाए हैं। यह मेरे घर की साज सज्जा को अच्छा बनाते हैं। पाम की किस्म डेफेनोबिया भी घर में लगाया है। इसके अलावा हल्दी, रूद्राक्ष सहित कई पौधे लगाए हैं। घर में नारंगी का एक पौधा लगाया है। इस नारंगी के पौधे में 75 से ज्यादा नारंगी के फल लगे हैं। वहीं बोगनविलिया के तीन कलर में फूल लगे हैं। ’