उद्योगपति के बेटे को किडनेप कर मांगी गई 30 लाख फिरौती न देने पर जालिमों ने मेरे बेटे को मार दिया। ये बोल-बोल कर जसकिरत सिंह जस्सी की मां बेहोश हो रही थी।
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फिरौती के लिए 30 लाख न देने पर मेरे बेटे को मार दिया जालिमों ने
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फिरौती के लिए कपूरथला से अपहृत किए गए बच्चे की हत्या
- फोटो : फाइल फोटो
मामला, पंजाब के कपूरथला जिले का है। जस्सी का वीरवार को नम आंखों से अंतिम संस्कार कर दिया गया। सिविल अस्पताल की टीम ने सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम में जस्सी की हत्या 48 से 72 घंटे पहले होने की बात सामने आई है। यानी किडनैपिंग के दिन ही पांच से सात बजे के बीच जस्सी को मार दिया गया था। एसएसपी राजिंदर सिंह ने कहा कि जस्सी हत्याकांड में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। इनके बारे में तफ्तीश में बताना अभी मुनासिब नहीं है।
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शिअद ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया, वहीं कांग्रेस ने पुलिस की कार्यशैली के साथ-साथ सत्तापक्ष पर भी पुलिस कार्रवाई में दखलंदाजी के आरोप जड़े। एसएसपी राजिंदर सिंह ने कहा कि पांच बजे का मामला है। साढ़े छह बजे फिरौती कॉल आई, लेकिन परिजन उनके पास सवा सात बजे आए। सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल पंजाब अलर्ट कर दिया। पांच से सवा सात के बीच आरोपी जिला क्रास कर सकते हैं, लेकिन अलर्ट के बाद तो ऐसा मुमकिन ही नहीं है।
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रोज एवेन्यू स्थित कोठी नं. 87 में जस्सी के दादा बलदेव सिंह, पिता नरिंदरजीत सिंह और चाचा जंगबीर सिंह ने बताया कि सोमवार शाम को जब पोता गायब हुआ और किडनैपर ने किसी मंत्री के हवाले से चुनाव के लिए 30 लाख की रंगदारी मांगी तो उन्होंने तुरंत एसएसपी राजिंदर सिंह से बात की। एसएसपी ने तत्काल जांच की ड्यूटी लगा दी, लेकिन उन्हें कुछ नहीं बताया गया। एक घंटे बाद एसएसपी ने दोबारा बुलाया, वहां पर आईजी, डीआईजी और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
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अधिकारियों ने कहा कि सूबे में अलर्ट कर दिया गया है। सबसे पहले बच्चा सेफ चाहिए। इसलिए वह कोई एक्शन नहीं ले रहे है। टीमें गठित कर दी गई है। जब कॉल आई तो उस समय किडनैपर और उनका पोता शहर की लोकेशन में था, क्योंकि टावर पंच मंदिर दिखा रहा था। जस्सी का कद सवा पांच फुट और वजन करीब 52 किलो था। उसे कोई जबरन अगवा करके नहीं ले जा सकता है। उसके पास लाइसेंस नहीं था, इसलिए वह मेन रोड के बजाय साइड रोड से ट्यूशन जाता था।
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बलदवे सिंह ने सवाल उठाया कि पंजाब अलर्ट था तो आरोपी और उनके पोते का शव कई नाकों से बिना जांच पड़ताल के श्री गोइंदवाल साहिब कैसे पहुंचा। जस्सी की स्कूटी सुभानपुर-हमीरा रोड पर पुल के पास खड़ी कैसे मिली। जब जस्सी का शव मिला तो उसके चार घंटे बाद सुभानपुर पुलिस के एएआई जगतार सिंह ने उनके बेटे नरिंदर सिंह को फोन कर पूछा कि आपकी स्कूटी यहां लावारिस कैसे खड़ी है। एसएसपी ने तो कहा था कि हाई अलर्ट के साथ स्कूटी का नंबर वायरलेस कर दिया गया है।
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रेस्ट हाउस में जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन सरबजीत सिंह मक्कड़ ने कहा कि इस मामले में किसी भी नेता की शमूलियत पाई गई तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस केस को सुलझाने में नाकाम पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। वह एसएसपी राजिंदर सिंह से मिलकर उन्हें सात दिन में हत्यारों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम देकर आए हैं। वह शोक संतप्त परिवार के साथ हैं और उन्हें हर कीमत पर इंसाफ दिलाया जाएगा।