जन्म देने वाली मां चाहे कोई भी हो, लेकिन जिसने मां बनकर परवरिश की, नई जिंदगी दी उसका कर्ज नही उतारा जा सकता। ऐसी ही कहानी है पारो की।
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Mothers day
अंबाला की रहने वाली पारो शर्मा एक किन्नर हैं। पर इन्होंने कुछ ऐसा ही किया, जिसने समाज में वह कर दिखाया, जिसके बारे में शायद सोचा भी नहीं होगा। इन्होंने 5 अनाथ बेटियों को मां बनकर पाला और उनका कन्यादान भी किया।
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मदर्स डे
किन्नर पारो शर्मा कहती हैं कि कई साल पहले जब वे अपनी मां से अलग हुईं, तो अहसास हुआ कि मां क्या होती है। इसके बाद खैर किसी तरह से खुद को संभाला और फिर प्रण लिया कि मैं भी मां बनकर किसी का सहारा तो बनूंगी।
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मदर्स डे
- फोटो : ANI
किन्नर पारो शर्मा ने बताया कि एक बार हरिद्वार गईं थीं, तो वहां पर एक अनाथ बच्ची मिली। उसे गोद में उठाया, तो एक मां का अहसास हुआ। उसे गोद लिया और अपने साथ अंबाला ले आई। इसके बाद तो सिलसिला शुरु हुआ और पांच बेटियों की मां बन गई।
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marriage
किन्नर पारो शर्मा ने बताया कि पांच अनाथ बेटियों को न सिर्फ पाला पोसा, बल्कि उनकी शिक्षा पर भी पूरा ध्यान दिया। करीब आठ साल पहले ममता की शादी दिल्ली में की, जबकि तुलसी की शादी छह माह पहले सेनाकर्मी से की। इसी तरह सीमा की शादी छोटा खुड्डा गांव में करवाई, जबकि लक्ष्मी की शादी अंबाला सिटी में करवाई।
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Demo pic
पिछले दिनों सरिता की शादी भी अंबाला कैंट में ही करवाई है। ममता उन्हें हरिद्वार से मिली थी, जबकि अन्य चार लड़कियां अंबाला की ही हैं, जिनके घर की आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण उनके मां-बाप ने अपनी बेटियों को पारो शर्मा के साथ भेजा। बचपन से ही वे पारो शर्मा के साथ रहीं और यहीं उनका कन्यादान किया और ससुराल रवाना किया।
किन्नर पारो शर्मा कहती हैं कि कुदरत ने हमें अहसास दिया है। इसी अहसास ने पांच बेटियों की मां भी बनाया। एक मां के पूरे फर्ज निभाए और पांचों का विवाह करवाकर ससुराल रवाना किया। अब एक बेटी और एक बेटा मेरे पास है, जिनका भविष्य संवारना है। यह सिलसिला कब तक चलता पता नहीं।