कोर्ट से वारंट लेकर गए एएसआई सतबीर सिंह से महिला आयोग ने सवाल किया कि ऐसे कैसे घर में घुस गए थे। एएसआई सतबीर बोला मैं समन नहीं वारंट लेकर गया था। इस पर दहिया ने कहा कि क्या वारंट लेकर ऐसे किसी के घर में घुस सकते हो।
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पुलिस की बर्बरता
- फोटो : अमर उजाला
एएसआई ने कहा जी मैडम। दहिया ने कहा क्या घुस सकते हो? फिर एएसआई बोला जी मैडम। दहिया ने कहा मैं भी क्रिमिनल लायर हूं, ऐसे नहीं घुस सकते, खासकर तब जब वहां महिलाएं हों। आपके साथ महिला पुलिस होनी चाहिए थी।
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वैसे भी जिनके साथ आपने मारपीट की, उनमें से किसी की आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। चैक बाउंस का मामला भी उनके एक बेटे का है, जोकि उनके साथ नहीं रहता। हवलदार दीपक कुमार ने अपनी सफाई में महिला आयोग की उपाध्यक्ष को कहा हम तो ड्यूटी पर गए थे, मेरी गलती नहीं है।
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पुलिस की बर्बरता
सुमन दहिया ने कहा कि अगर गलती नहीं है तो सस्पेंड क्यों किया तुम्हें। सस्पेंड महिला आयोग ने नहीं किया, मुख्यमंत्री ने किया है तुम्हे। इस पर पुलिस के वरिष्ठ मुलाजिमों ने हवलदार दीपक को चुप रहने को कहा।
जयहिंद का रिवाज नहीं है क्या
पुलिस पर बुरी तरह भड़की महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने जब महिला थाना की एसएचओ को बुलाया तो वह सीधे आकर उनसे बोली जी मैडम। इस पर सुमन दहिया ने कहा कि क्या बात आपके यहां जयहिंद का रिवाज नहीं है क्या? दरअसल बगैर सैल्यूट किए महिला थाना की एसएचओ सीधे महिला आयोग की उपाध्यक्ष से मुखातिब हो गईं थीं। हालांकि महिला थाना प्रभारी ने कहा कि मैंने दफ्तर में एंट्री करते ही आपको सैल्यूट की थी, लेकिन आपने गौर नहीं किया।