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हर रोज मौत के इस रास्ते से गुजर कर स्कूल पहुंचते हैं बच्चे, देखिए

Sun, 22 Jan 2017 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोरनी(पंचकूला)
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स्कूल जाने के लिए घग्गर नदी पार करते हुए मोरनी के बच्चे
छोटे-छोटे बच्चे हर रोज मौत के रास्ते से गुजरकर स्कूल पहुंचते हैं। आप सोच भी नहीं सकते इस रास्ते पर चलने की, देखकर ही थम जाएंगी सांसें।
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स्कूल जाने के लिए घग्गर नदी पार करते हुए मोरनी के बच्चे
ये तस्वीरें चंडीगढ़ से कुछ किलोमीटर दूर मोरनी क्षेत्र के गांव की है। देश के सबसे विकसित शहरों में शामिल ट्राई सिटी- चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली में जहां एक से बढ़कर एक निजी और सरकारी स्कूल हैं। वहीं कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित मोरनी के बच्चों को स्कूल जाने के लिए जंग लड़नी पड़ती है।
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स्कूल जाने के लिए घग्गर नदी पार करते हुए मोरनी के बच्चे
यहां बच्चों को पढ़ने के लिए दूसरे गांव के स्कूलों में जाना पड़ता है, वो भी इस तरह से जोखिम उठाकर। बच्चे रोज इस तरह से घग्गर नदी पार करके स्कूल जाते हैं। बारिश के कारण घग्गर नदी में पानी बढ़ जाता है। आजकल बारिश हो रही है और नदी उफान पर है, पर स्कूल तो जाना है।

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स्कूल जाने के लिए घग्गर नदी पार करते हुए मोरनी के बच्चे
बच्चे रोज पाइप के सहारे या पैदल चलकर नदी नालों को पार करते हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को लेकर उन्हें डर लगा रहता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। वहीं, कुछ पेरेंट्स इसी डर के कारण बच्चों को पढ़ाते ही नहीं हैं।

 
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स्कूल जाने के लिए घग्गर नदी पार करते हुए मोरनी के बच्चे
यह कोई एक या दो गांवों की कहानी नहीं है। मोरनी खंड की दो पंचायतों- कोठी व राजीटिकरी के अंतर्गत आने वाले 50 गांवों के बच्चे बारिश के दिनों में ऐसे ही स्कूल जाते हैं। कई बच्चे तो बारिश के दिनों में स्कूल जाना बंद कर देते हैं, जिससे इनकी पढ़ाई खराब होती है।  

 
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स्कूल जाने के लिए घग्गर नदी पार करते हुए मोरनी के बच्चे
मोहन सिंह पूर्व सरपंच कोठी पंचायत और राजीटिकरी पंचायत के पूर्व सरपंच विरेद्र सिंह कई बार जनप्रतिनिधियों से पुल बनाने की मांग कर चुके हैं। लोगों का कहना है कि वे दो बार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और तीन बार सांसद कुमारी शैलजा से लिखित में पुल बनाने के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन पुल नहीं बना।
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