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राम रहीम केस में एक शख्स की गिरफ्तारी से डेरा सच्चा सौदा में मचा हड़कंप, जानें क्यों?

Tue, 09 Jan 2018 05:51 PM IST
हितेश चतुर्वेदी/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
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Ram Rahim
राम रहीम केस में हाल ही में एक शख्स की गिरफ्तारी हुई है, जिसके कारण डेरा सच्चा सौदा और डेरे के साधुओं में हड़कंप मच गया, जानिए आखिर क्यों?
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राम रहीम - फोटो : social media
दरअसल पंचकूला एसआईटी ने डॉ. महिंदर इंसां को गिरफ्तार किया है। डॉ. महिंदर इंसां ही वह शख्स है, जिसको नपुंसक बनाए गए साधुओं का पता है। डेरे में जिन साधुओं को नपुंसक बनाया गया उनके नामों के बारे में केवल डॉ. महिंदर इंसां और आदित्य इंसां को ही जानकारी है। अब डेरे के साधुओं को डर सता रहा है कि डॉ. महिंदर पुलिस पूछताछ में उनकी पहचान उजागर कर देगा।
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Ram Rahim
खास बात यह है कि जो साधु डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के सम्मोहन में आकर नपुंसक बने उनके रिश्तेदारों तक को भी उनकी इस सच्चाई आज तक पता नहीं। ये सैकड़ों साधु नपुंसक बनने के बाद डेरे के ही होकर रह गए और कभी अपने घरों में नहीं गए। वर्ष 2013 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 400 साधुओं को नपुंसक बनाने का केस दर्ज किया था।

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Ram Rahim
सीबीआई की टीम सैकड़ों बार इस मामले की जांच के सिलसिले में सिरसा आई। जांच टीम को डेरा प्रबंधन की ओर से डेरा सच्चा सौदा में आने नहीं दिया गया, क्योंकि 90 प्रतिशत साधु डेरा मुख्यालय में ही रहते हैं। सीबीआई केवल उन सात साधुओं तक पहुंच पाई जो डेरा छोड़कर अपने घर जा चुके थे। रानियां, डबवाली और बेगू रोड पर रहने वाले इन साधुओं के बयान सीबीआई ने दर्ज किए।
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honey preet and ram rahim
इनसे सीबीआई को पता चला कि ये लोग अपनी मर्जी से नपुंसक बने हैं। उन्हें डेरा के अंदर किस डॉक्टर ने नपुंसक बनाया उन्हें याद नहीं, क्योंकि उन्हें बेहोशी के तीन दिन बाद होश आया था। सीबीआई की जांच में साधुओं को नपुंसक बनाने में डेरा मुखी के करीबी महिंदर इंसां और प्रवक्ता डॉ. आदित्य इंसां की भूमिका पर शुरू से ही संदेह रहा, लेकिन सीबीआई कभी दोनों से पूछताछ नहीं कर सकी।
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राम रहीम
क्योंकि डेरा प्रबंधन कमेटी की ओर से सीबीआई अधिकारियों को डेरा मुख्यालय में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती थी। 25 अगस्त को पंचकूला और सिरसा में हुई हिंसा की योजना का प्लान तैयार करने में डॉ.महिंदर इंसां का नाम आने के बाद रविवार रात को पंचकूला एसआईटी की टीम ने उसे डेरा परिसर से गिरफ्तार कर लिया। पंचकूला एसआईटी की टीम ने इस कार्रवाई में सिरसा एसआईटी को शामिल नहीं किया और न ही अपने सिरसा आने की उपस्थिति दर्ज करवाई।
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गुरमीत राम रहीम
पूर्व साधु ने लगाई थी एचसी में याचिका
डेरा सच्चा सौदा के पूर्व अनुयायी हंसराज चौहान ने वर्ष 2012 में हाई कोर्ट में याचिका दायर करके आरोप लगाया था कि राम रहीम सिंह के आदेश पर उसे और 400 अन्य संतों को डेरा के अंदर जबरन नपुंसक बनाया गया था। सीबीआई जांच की मांग करते हुए चौहान ने आरोप लगाया था कि राम रहीम अनुयायियों को अपने अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों की मदद से नपुंसक बनाता है। उन्हें कहा जाता था कि नपुंसकत्व के जरिए उन्हें भगवान से मिलाया जाएगा।

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राम रहीम - फोटो : File Photo
मामले में जज ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। हाई कोर्ट ने चौहान के मेडिकल परीक्षण के आदेश दिए थे, जिसमें नपुंसकता की पुष्टि हुई थी। इसमें राज्य सरकार ने भी एक रिपोर्ट दायर की थी, जिसमें डेरा प्रमुख से जुड़े सात लोगों के बयान हुए थे। उन्होंने उन्हें नपुंसक बनाने की पुष्टि की थी। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ अंग भंग करने व साजिश रचने का केस दर्ज कर लिया।

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ram rahim
एसआईटी समक्ष पेश नहीं हुआ डॉ. नैन
सिरसा हिंसा मामले में डेरा प्रबंधन कमेटी के उपाध्यक्ष पीआर नैन की भूमिका को लेकर सिरसा एसआईटी ने उसे नोटिस देकर सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया था। एसआईटी इंचार्ज अजय शर्मा शाम तक डॉ. पीआर नैन का इंतजार करते रहे, लेकिन नैन पुलिस जांच में शामिल होने नहीं आया। डॉ. नैन ने एसआईटी समक्ष पेश न होने का कोई कारण भी लिखित में नहीं भेजा। इसके बाद एसआईटी इंचार्ज डीएसपी अजय शर्मा ने शहर थाना प्रभारी को पीआर नैन का पता लगाने के निर्देश दिए। पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर थाना प्रभारी राम सिंह डॉ. नैन का पता लगाने डेरा मुख्यालय गए लेकिन वह वहां नहीं मिला।
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ram rahim
दोबारा नोटिस दिया जाएगा
डेरा प्रबंधन कमेटी के उपाध्यक्ष पीआर नैन को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वो नहीं आया। उसने न आने का कोई कारण भी एसआईटी को नहीं भेजा है। इसलिए अब दोबारा से उसे नोटिस भेजकर फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। डॉ. नैन के न आने के बाद शहर थाना पुलिस को उसका पता लगाने के लिए भेजा गया।
-डीएसपी अजय शर्मा, एसआईटी इंचार्ज सिरसा
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