पिता पुत्र की एक ऐसी जोड़ी है, जो शहीद ऊधम सिंह को सम्मान दिलाने की जंग वर्षों से लड़ रही है। उनका कहना है कि जब तक उनके शरीर में दम है संघर्ष जारी रहेगा। बात हो रही है सीनियर बीजेपी नेता दौलत राम कंबोज व उनके बेटे व पार्षद शिंदर पाल सिंह बॉबी कंबोज की, जो कि अपने इस संघर्ष में पूरी निष्ठा से जुड़े हुए हैं।
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उधम सिंह
- फोटो : self
शहीद की अस्थियों के लिए ऐसे किया संघर्ष
शिंदर पाल सिंह बॉबी कंबोज ने बताया उनके पिता को 1960 में पता चला था कि शहीद ऊधम सिंह की अस्थियां अंग्रेजों ने इंग्लैंड में रखी हैं। उन्हें यह बात वहां के एक सीनियर वकील के माध्यम से पता चली थी।
इसके बाद उनके पिता ने उसी समय इस दिशा में काम शुरू कर दिया था। शहीद ऊधम सिंह की अस्थियों को देश में लाने के लिए 1964 में उन्होंने नौजवान सभा बनाई थी। फिर श्री गुरु हरसहाय साहिब फिरोजपुर में एक कांफ्रेंस की थी। इसमें उस समय के कई दिग्गज नेता पहुंचे थे।
यहीं शहीद ऊधम सिंह की अस्थियों को देश में लाने की योजना बनी। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इस बारे में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को बताया था। इसके बाद काफी प्रयासों से 1973 में शहीद की अस्थियां देश पहुंच पाई थीं।
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shaheed udham singh
अपनी जेब से पैसे खर्च कर लगवा रहे प्रतिमाएं
दौलत राम कंबोज ने बताया कि जब शहीद ऊधम सिंह की अस्थियां देश में आ गईं तो उन्होंने युवाओं को शहीद की शौर्य गाथा से रूबरू करवाने के बारे में सोचा। इसके तहत शहीद की प्रतिमाएं लगवाने की योजना बनाई।
अब तक उत्तर भारत के हर बड़े शहर में 50 प्रतिमाएं लगवा चुके हैं। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर जलियांवाला बाग में भी शहीद की प्रतिमा स्थापित की, जो पर्यटकों को शहीद की दास्तां के बारे में बताती है। प्रतिमा पर आने वाला खर्च भी वह खुद उठाते हैं।
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दिल्ली में भी लगेगी शहीद की प्रतिमा
शिंदर पाल बॉबी कंबोज ने बताया कि जल्दी ही देश की राजधानी दिल्ली में भी शहीद की प्रतिमा लगेगी। फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात हो गई। उन्होंने उनकी बात मान ली है। साथ ही पीडब्ल्यूडी को दिल्ली में जगह तलाशने के आदेश दिए गए हैं। संस्था की तरफ से दिल्ली सरकार को प्रतिमा मुहैया करवाई जाएगी।
जलियांवाला बाग हत्याकांड पर इंग्लैंड सरकार मांगें माफी
शिंदर पाल ने बताया कि जलियांवाला बाग हत्याकांड को अब 100 वर्ष होने वाले हैं। ऐसे में उनकी कोशिश है कि इंग्लैंड की सरकार अपनी संसद में इस हत्याकांड के लिए माफी मांगे। इसके लिए उन्होंने प्रसास शुरू कर दिए हैं।
देश के सभी राज्यों के सीएम से वे मिल रहे हैं साथ ही मांग कर रहे हैं कि वह अपनी विधानसभाओं में इससे संबंधित प्रस्ताव पास करें। उक्त प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजें ताकि केंद्र एक प्रस्ताव बनाकर इंग्लैंड की सरकार को भेजे कि इस हत्याकांड के लिए इंग्लैंड माफी मांगे।