ऑर्बिट बस कांड में मारी गई नाबालिग अर्शदीप कौर के परिजन रविवार को जिला प्रशासन से समझौते के बाद पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए। फरीदकोट में अर्शदीप के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद गांव लंडेके में भारी सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। देर शाम मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
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मोगा बस कांड: 'बेटी' के अंतिम संस्कार में दिखे बादल
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इससे पहले रविवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के आने की खबर के बाद सिविल अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। लेकिन नारेबाजी और लोगों का गुस्सा बढ़ते देख जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री को अस्पताल में आने से रोक दिया। इस पर बादल रेस्ट हाउस पहुंच गए। देर शाम मुख्यमंत्री ने यहीं पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
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अर्शदीप के अंतिम संस्कार में कई राजनीतिक दल के नेता मौजूद थे। डीसी परमिंदर सिंह गिल ने दावा किया कि परिजनों की सहमति से बिना किसी दबाव के ही इस मसले का हल हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हमेशा परिवार के साथ है। परिवार को कुल 24 लाख की आर्थिक मदद दी गई है। अर्शदीप के पिता सुखदेव सिंह ने कहा कि उन्होंने बिना किसी दबाव के समझौता किया है।
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परिवार को जो भी आर्थिक मदद मिली है वह उससे संतुष्ट हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से संघर्ष खत्म करने की भी अपील की। इस मौके पर जिला पुलिस प्रमुख जतिंदर सिंह खैहरा ने कहा कि पीड़ित परिवार ने गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त कर ली है। सिविल अस्पताल में सुबह 10 बजे एडिशनल डायरेक्टर जनरल पुलिस (आई) इकबाल प्रीत सिंह सहोता, आईजी गुरप्रीत दियो, आईजी बठिंडा जोन परमराज सिंह उमरानंगल, डीसी परमिंदर सिंह गिल और जिला पुलिस प्रमुख जतिंदर सिंह खैहरा ने पीड़ित परिवार को मनाने की कोशिश की।
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लेकिन परिजन समझौते को राजी नहीं हुए। अर्शदीप के पिता सुखदेव सिंह ने कहा कि उन्हें इंसाफ चाहिए। अगर आप इंसाफ नहीं दे सकते तो अर्शदीप को जिंदा वापस ला दो। इस पर अधिकारी चले गए। दोपहर सवा दो बजे सभी अधिकारी फिर सिविल अस्पताल पहुंचे और पीड़ित सुखदेव सिंह को विशेष अनुदान राशि का चेक देकर दस्तखत करवा लिए।
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यह हुआ समझौता: पीड़ित परिवार को बच्चों की पढ़ाई के लिए चार लाख रुपये समेत 24 लाख रुपये की आर्थिक मदद, अनुसूचित जाति आयोग की तरफ से छह लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को बोर्ड या निगम में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी