मोबाइल का लोगों को इतना क्रेज है कि मीटिंग हो या क्लास, मोबाइल पर व्हाट्सऐप चैक करना बहुत जरूरी है।
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मोबाइल का इतना क्रेज देख चौंक जाएंगे आप
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चौंक गए न आप ये देखकर। ये मोहतरमा हैं चंडीगढ़ नगर निगम की पार्षद। निगम की हाउस मीटिंग चल रही थी, लेकिन मोहतरमा बीच में ही मोबाइल चैक करने लगी।
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ये जनाब भी हाउस मीटिंग के बीच में ही मोबाइल चैक करने में मशगूल हैं।
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ये जनाब भी हाउस मीटिंग के बीच में ही मोबाइल सुनने में बिजी हैं।
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ये जनाब भी हाउस मीटिंग के बीच में ही मोबाइल सुनने में बिजी हैं।
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इन मोहतरमा को देखिए, हाउस मीटिंग चल रही है और ये बिजी हैं फोन पर बात करने में।
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नगर निगम हाउस मीटिंग में बीते दिन जमकर हंगामा हुआ। हंगामा होने का कारण था राणा कश्मीरी देवी का अपनी पार्टी में स्वागत करने के लिए भाजपा पार्षदों को टेबल ठोकना। हंगामा इतना बढ़ गया कि तीन बार बैठक बीच में ही रोकनी पड़ी।
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दरअसल, मेयर हरफूलचंद्र कल्याण ने पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जयराम जोशी के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट मौन का प्रस्ताव रखा। जैसे ही मौन खत्म हुआ, भाजपा पार्षदों ने राणा कश्मीरी देवी के स्वागत पर टेबल ठोकना शुरू कर दिया।
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इस पर कांग्रेसियों को हंगामे का मौका मिल गया। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि, भाजपा ने अपने ही दिवंगत नेता का अपमान किया है।
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कांग्रेस पार्षद प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि भाजपा पार्षद शौक-शौक में अपने ही नेता के शोक को भूल गए हैं। वहीं पूर्व मेयर सुभाष चावला ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद इतने उत्साहित हो गए कि उनसे दो मिनट का मौन भी बर्दाश्त नहीं हुआ।
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वहीं, भाजपा पार्षद और विपक्ष के नेता अरुण सूद ने कहा कि कांग्रेसियों ने एक नेता के निधन को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की है।
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दूसरी ओर कांग्रेस नेता इस बात पर अड़े रहे कि जब तक भाजपा पार्षद माफी नहीं मांगेगे, तब तक सदन की कार्रवाई शुरू नहीं होने दी जाएगी। इसी हंगामे के कारण डेढ़ घंटे बैठक नहीं चली।
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माफी की मांग पर कांग्रेस पार्षद काफी देर तक अड़े रहे। सतीश कैंथ और दर्शन गर्ग तो जमीन पर ही बैठ गए। दोनों ने कहा कि जब तक भाजपा पार्षद माफी नहीं मांगेगे, वे उठेंगे नहीं। बड़ी देर बाद मनोनीत पार्षदों ने उन्हें मनाकर वापस सीट पर बैठाया।
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कांग्रेस-भाजपा नेताओं के हंगामे के बीच मनोनीत पार्षद प्रो. अरुणा गोयल बैठक का बहिष्कार कर चली गईं। भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह भी उठकर बाहर चले गए।
बीच मीटिंग ही कांग्रेस पार्षद राणा कश्मीरी देवी ने भी शुक्रवार को भाजपा का दामन थाम लिया। दो महीने में भाजपा ने कांग्रेस को तीसरी बार तगड़ा झटका दिया है। इससे पहले पूर्व मेयर राजबाला मलिक और सतप्रकाश अग्रवाल भी कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो चुके हैं।