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मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर के लिए खड़ी हुई मुसीबत, अधूरा रह सकता है एक सपना

Sat, 25 Nov 2017 09:16 AM IST
अंकित चौहान/देवेंद्र सैनी/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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manushi chhillar
मिस वर्ल्ड तो बन गई, पर अब मानुषी छिल्लर के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है, जिसके कारण उनका एक सपना अधूरा रह सकता है।
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Manushi Chhillar
दरअसल, मिस वर्ल्ड बनी मानुषी छिल्लर डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही हैं, मगर लंबी अनुपस्थिति में इसे जारी रखने के लिए विशेष अनुमति की जरूरत होगी। मानुषी यहां भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर से एमबीबीएस कर रही हैं। नियमानुसार एमबीबीएस के हर प्रॉस में थ्योरी में 75 प्रतिशित और प्रैक्टिकल में 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है।
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manushi chhillar - फोटो : facebook
देश को 17 साल बाद मिस वर्ल्ड का खिताब जिताकर मानुषी ने एक बड़ा सपना पूरा किया है। अब उनका डॉक्टर बनने का सपना बाकी है। उपस्थिति नियम की वजह से पढ़ाई जारी रखने के लिए जरूरी है कि वह मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से विशेष अनुमति लें। मेडिकल कालेज प्रशासन का कहना है कि मानुषी ने दुनिया में देश का नाम रोशन किया है ऐसे में उन्हें एक्सटेंशन दिया जाना चाहिए।

 

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मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर
रास्ता खुला है...
इस समय मानुषी का दूसरा प्रॉस चल रहा है, जो डेढ़ साल का होता है। इस प्रॉस का सेशन भी सितंबर 17 में शुरू हो चुका है और इस तरह मानुषी के ढाई महीने से ज्यादा समय बिना कॉलेज में जाए निकल गया है। वहीं मिस वर्ल्ड बनने से मानुषी की व्यस्तता ज्यादा हो गई है और उसका अभी जल्द कॉलेज आना मुश्किल है।

 
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manushi chhillar - फोटो : facebook
ऐसे में मानुषी की इस प्रॉस में थ्योरी में उपस्थिति नियम आड़े आ सकता है। लेकिन मानुषी अपना डॉक्टर बनने का सपना पूरा करना चाहती है तो उसके लिए अभी रास्ते खुले हुए हैं। मानुषी को अपनी पढ़ाई में एक्सटेंशन लेने के लिए कॉलेज में पत्र देना होगा। कालेज प्रबंधन इस पत्र को विशेष अनुमति के लिए एमसीआई को भेजेगा।

 
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Manushi Chhillar
एमबीबीएस में इस तरह होता है प्रॉस सिस्टम
एमबीबीएस पूरी करने में साढ़े पांच साल का समय लगता है और इसमें सेशन की जगह प्रॉस सिस्टम चलता है। पहला प्रॉस एक साल का होता है तो दूसरा प्रॉस डेढ़ साल का होता है। जबकि तीसरा प्रॉस दो साल का होता है, जिसमें एक व दो पार्ट होते है। इसके बाद एक साल इंटर्नशिप के लिए होता है, जिसके बाद डॉक्टर बन जाते हैं। हर प्रॉस में थ्योरी में 75 प्रतिशत व प्रैक्टिकल में 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होती है।
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मानुषी छिल्लर
मानुषी ही करेगी फैसला: नाना
मानुषी के नाना चन्द्र सेहरावत का कहना है कि वह नियमानुसार डाक्टर बनने की शिक्षा ले रही है। कालेज से अनुमति के बाद ही व मिस वर्ल्ड की प्रतियोगिता में गई थी। लंदन से वापस आने के बाद मानुषी ही तय करेगी कि उसे भविष्य में क्या करना है।
 
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एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने नियम बनाए हैं। उन नियम के अनुसार उपस्थिति पूरी होनी जरूरी है। अगर मानुषी अपनी व्यस्तता के चलते एक्सटेंशन लेना चाहती है तो उसे एक्सटेंशन देकर एमबीबीएस पूरी करने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए मानुषी को एक पत्र देना होगा, जिसे एमसीआई को भेजा जाएगा और वहां से उसे एक्टेंशन की अनुमति मिल जाएगी। जिस तरह मानुषी ने दुनिया में देश का नाम रोशन किया है तो उसे किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- डॉ. पीएस गहलौत, डायरेक्टर, मेडिकल कॉलेज
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