सांसद-विधायक दबे मन से ही सही पर लालबत्ती तो छोड़ रहे हैं लेकिन बड़ा सवाल है कि VIP मानसिकता का क्या, वो कैसे दूर होगी? यहां देखिए एक उदाहरण...
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VIP मानसिकता कैसे बदलेगी?
वीआइपी कल्चर खत्म करने के लिए वाहनों से लाल बत्ती हटाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद देश के मंत्री, विधायक और अफसरों ने दबे मन से ही सही पर अपनी गाड़ियों से लाल बत्ती उतारनी शुरू कर दी है।
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VIP मानसिकता कैसे बदलेगी?
इन दिनों एक नया ही ट्रेंड चल पड़ा है। एक के बाद एक कई मंत्री अपनी कारों से खुद ही लाल बत्ती को हटा रहे हैं और जमकर सेल्फी ले रहे है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा कारों से लाल बत्ती उतारने के बाद मंत्रियों में भी उनका अनुसरण करने की होड़ मच गई है।
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VIP मानसिकता कैसे बदलेगी?
- फोटो : SELF
कुछ समाज शास्त्रियों ने हालांकि प्रधानमंत्री के लालबत्ती उतारने के आदेश का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि लोगों की वीआइपी मानसिकता कैसे बदलेगी? प्रधानमंत्री लालबत्ती का सुरूर तो उतार सकते हैं पर सत्ता के गुरूर से तो खुद ही दूर होना पड़ेगा।
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सांसद राजकुमार सैनी
- फोटो : file photo
उधर, हरियाणा के सांसद राजकुमार सैनी मीडिया से रूबरू हुए उन्होंने VIP कल्चर को खत्म करने के कदम का दबे मन से स्वागत किया। साथ में अपनी पीड़ा जाहीर करने से सांसद नहीं हटे। उन्होंने कहा कि VIP कल्चर का कंट्रोल होना चाहिए।
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राजकुमार सैनी, एमपी
- फोटो : file photo
सांसद की VIP कल्चर छोड़ने की पीड़ा दिखाई दी। सांसद बोले उनको कहीं आने जाने में जल्दी पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ सकती है। सांसद बोले की मंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मंत्रियों की सुरक्षा व्यवस्था जरूरी भी है, लेकिन कई लोग जिन का कोई वजूद नहीं है अब वह भी हाई-फाई सुरक्षा लिए घूम रहे हैं।
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VIP मानसिकता कैसे बदलेगी?
सांसद ने कहा कि विधायकों के ऊपर जनता का दबाव होता है कि उनके काम हो लेकिन जब काम नहीं होते तो चुने हुए प्रतिनिधि के तौर पर वह तो मुख्यमंत्री को ही बोल सकते हैं।
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VIP मानसिकता कैसे बदलेगी?
बता दें कि मंत्रियों और अफसरों को अभी 1 मई तक लाल बत्ती लगाने की छूट है, लेकिन हरियाणा सरकार के मंत्रियों ने अभी से लाल बत्तियों को उतारना शुरू कर दिया है।
अब क्या होगा इन बत्तियों का
सरकार किसी भी वीआइपी को लाल बत्ती लगाने का परमिट (अनुमति पत्र) जारी करती है। बत्ती का इंतजाम खुद करना पड़ता है। ऐसे में यह बत्तियां उतरने के बाद या तो शो-पीस बन जाएंगी या फिर स्टोर में पड़ी रहेंगी।