मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में उड़ने का हौंसला होता है। ये साबित हुआ 'फ्लाइंग सिंख' मिल्खा सिंह के रिकॉर्ड ब्रेकर धर्मबीर सिंह के वाकये में।
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मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ने वाला अब ऐसे जाएगा रियो
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'फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ने वाला धर्मबीर सिंह का रियो ओलंपिक का सपना गरीबी के कारण टूट रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अमर उजाला की मुहिम पर धर्मबीर की आर्थिक मदद करने के लिए लोग आगे आए हैं।
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धर्मबीर का दर्द सुनने पर उसकी मदद के लिए भाजपा नेता बलराज कुंडू अठगामा ने 1 लाख 51 हजार, सीलक राम अजायब ने 51 हजार, सतबीर ने 51 हजार, समुन्द्र सिंह पूर्व सरपंच ने 21 हजार, रामदिया राठी निन्डाना ने 21 हजार, धर्मेन्द्र सिंह ने 21 हजार, धर्मवीर सिंह ने 11 हजार रुपये दिए।
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दरअसल, अजायब गांव के धावक के सामने रियो ओलंपिक की ट्रेनिंग में गरीबी सबसे बड़ी परेशानी बनी है और इस दर्द को अमर उजाला ने सबके सामने रखा। धर्मबीर की मदद को आगे आए लोग अब यही दुआ मांग रहे कि धर्मबीर को इस बार ओलंपिक की टिकट जरूर मिले।
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धर्मबीर सिंह ने इस साल चाइना में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ 20.6 सेकेंड में पूरा करते हुए मिल्खा सिंह के ओलंपिक रिकॉर्ड को तोड़ा था। मिल्खा सिंह ने इस दौड़ को 20.8 सेकेंड में पूरी की थी।
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धर्मबीर के पिता किसान है और खेती से केवल परिवार का गुजारा हो पाता है। जबकि धर्मबीर सिंह रियो ओलंपिक के टिकट का बड़ा दावेदार है, लेकिन ट्रेनिंग के लिए आर्थिक परेशानी आड़े आ रही है। इस गरीबी के कारण ही धर्मबीर के कदम चार साल पहले पीछे हट गये थे और उसके हाथों से ओलंपिक का टिकट छूट गया था।