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चंडीगढ़ में गरजे वायुसेना के फाइटर जेट: सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने किया अभ्यास, मिग-21 को वाटर कैनन सैल्यूट

Wed, 24 Sep 2025 04:38 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भारतीय वायुसेना ने चंडीगढ़ वायुसेना स्टेशन पर बुधवार को मिग-21 की विदाई समारोह को लेकर फुल ड्रेस रिहर्सल की। एयर फोर्स स्टेशन 12 विंग में मिग-21 की विदाई समारोह अभ्यास सत्र के दौरान मिग-21 फाइटर जेट को वाटर कैनन सैल्यूट दिया गया।
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मिग-21 को वाटर कैनन सैल्यूट दिया गया। - फोटो : अजय वर्मा
इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) का जंगी जहाज (फाइटर जेट) मिग-21 अब वायुसेना के बेड़े में नहीं दिखेगा। एयरफोर्स की तरफ से मिग-21 को रिटायर किया जा रहा है। यह लड़ाकू विमान 26 सितंबर को आखिरी उड़ान भरेगा। छह दशक तक वायुसेना की ताकत रहा लड़ाकू विमान 26 सितंबर को रिटायर होगा। चंडीगढ़ में 12 विंग एयरफोर्स में अंतिम विदाई दी जाएगी। जंगी जहाज को आखिरी सलामी देने के लिए सूर्य किरण एरोबेटिक टीम चंडीगढ़ पहुंच गई है।

बुधवार को भारतीय वायुसेना ने चंडीगढ़ वायुसेना स्टेशन पर मिग-21 विमान की सेवाओं के समापन के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल की गई। इस दौरान एयर फोर्स स्टेशन 12 विंग में मिग-21 की विदाई समारोह अभ्यास सत्र के दौरान मिग-21 फाइटर जेट को वाटर कैनन सैल्यूट दिया गया। वहीं दोपहर लगभग एक बजे वायुसेना के फाइटर जेट ने आसमान में उड़ान भी भरी। लड़ाकू विमानों की गर्जनों की आवाज पूरे शहर में गूंजी। 
 
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फाइटर जेट मिग-21 - फोटो : अमर उजाला
अभ्यास के दौरान वायुसेना के जांबाजों ने आसमान में करतब दिखाए। आकाशगंगा युद्ध वीरों का कौशल  देखने को मिला। मिग- 21 की विदाई के लिए आकाश गंगा स्काई डाइवर्स की टीम के करतब देख हर कोई हैरान रह गया। स्काई डाइवर्स ने 8000 फीट की ऊंचाई से कूद भी लगाई। एयरफोर्स स्टेशन 12 विंग में यह अभ्यास किया गया। उत्तर प्रदेश के आगरा से एयरफोर्स की विशेष टीम 26 सितंबर को जंगी जहाज मिग के विदाई समारोह में पहुंचेगी।
 
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आसमान में करतब दिखाते फाइटर जेट। - फोटो : अजय वर्मा
ऐतिहासिक मौके पर होंगे एयरफोर्स चीफ समेत कई अधिकारी
स्क्वॉड्रन नंबर 23 (पैंथर्स) के कमांडिंग ऑफिसर मिग-21 को उड़ाएंगे। राजस्थान के सूरतगढ़ स्थित यह स्क्वॉड्रन अक्तूबर 1956 में गठित हुई थी। डी हैविलैंड वैम्पायर और फौलैंड गैनट विमान के बाद पैंथर्स ने फरवरी 1978 में लड़ाकू विमान मिग-21 का संचालन संभाला था, इसीलिए पैंथर्स के अफसर ही इस विमान को अंतिम विदाई देंगे। इस ऐतिहासिक मौके पर एयरफोर्स चीफ समेत कई अधिकारी मौजूद होंगे।

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चंडीगढ़ में रिहर्सल। - फोटो : अजय वर्मा
आखिरी उड़ान का अनुभव सहेजेंगे
आखिरी उड़ान पर छह मिग-21 के साथ जो पायलट उड़ान भरेंगे वो इस लड़ाकू जहाज के साथ आखिरी उड़ान का अपना अनुभव एक फीडबैक रिपोर्ट के रूप में तैयार करेंगे जिन्हें वायुसना सहेज कर रखेगी।
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आसमान में वायुसेना के विमान। - फोटो : अमर उजाला
फॉर्म-700 सौंपेंगे एयर चीफ को
मिग-21 की स्क्वॉड्रन 23 के कमांडिंग ऑफिसर स्विच ऑफ के बाद एयरफोर्स चीफ को फॉर्म-700 की किताब सौंपेंगे। इस तरह इंडियन एयरफोर्स इस फाइटर जेट को विदाई देगी। आदमपुर स्थित स्क्वॉड्रन नंबर-28 के कमांडिंग ऑफिसर भी मौजूद रहेंगे, क्योंकि जनवरी 1987 से पहले मिग-21 इस स्क्वॉड्रन का भी हिस्सा रहे हैं। 
 
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वाटर कैनन सैल्यूट। - फोटो : अमर उजाला
अब यह मिग-29 का संचालन कर रही है। दरअसल, इस फार्म में उड़ान से पहले उसकी हर की तरह जांच संबंधी रिपोर्ट और उड़ान के बाद फीडबैक के रूप में पायलट अपने अनुभव दर्ज करते हैं। मिग-21 की विदाई के वक्त यही फॉर्म-700 एक किताब के रूप में एयर चीफ को सौंपा जाएगा।
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