मोदी सरकार भले ही 500 और 1000 के पुराने नोट 11 नवंबर के बाद रद्दी होने की बात कह रही है, लेकिन यहां के व्यापारियों ने बड़ी ऑफर दे दी है। बाजार में मंदी को रोकने के लिए दुकानदारों ने ग्राहकों को खुले ऑफर की सौगात दी है। लोगों को एसएमएस के जरिये बताया जा रहा है कि वे सिर्फ खरीदारी करें। यहां 20 नवंबर तक 500 और 1000 रुपये के नोट बेझिझक लिए जाएंगे।
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gold coin
करीब 45 हजार रुपये प्रति तोला बिका सोना- ब्लैक मनी के खिलाफ पीएम मोदी की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के चलते सराफा बाजार में सोने का दाम प्रति तोला 29,200 से बढ़कर 34,200 रुपये हो गया। हालांकि सराफा बाजार में देर शाम खबर फैली कि ब्लैक मार्केट में सोना करीब 45 हजार रुपये प्रति तोला बिक रहा है। जबकि सराफा व्यापारियों का कहना है कि बड़े नोट बंद होने की सूचना मिलते ही कालाधन रखने वालों में हड़कंप है। वे ‘ब्लैक मनी’ को ‘व्हाइट’ करने की जुगत में हैं। यही वजह है कि ब्लैक मार्केट में सोना प्रति तोला 45 हजार रुपये से भी अधिक में बिक रहा है।
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साोना
- फोटो : अमर उजाला
सराफा बाजार में बुधवार को सोना प्रति तोला चार हजार रुपये तक महंगा हो गया। इसके बावजूद बाजार में रौनक रही। शादियों का भी सीजन 11 नवंबर से शुरू हो रहा है तो लोग सोने के गहने खरीदने के लिए ज्वैलर्स के यहां पहुंच गए। बड़े नोट बंद होने से सराफा व्यापारियों ने इसे लेने से मना कर दिया। इसके चलते लोगों ने चेक, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिये सोना खरीदा। हालांकि, सराफा बाजार में कुछ लोग सोने का बिस्कुट और गहने खरीदने के लिए पांच से 10 लाख रुपये लेकर पहुंचे थे, लेकिन सराफा व्यापारियों ने बड़े नोट लेने से साफ मना कर दिया।
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नोट बंद होने से सोना महंगा, नहीं आया- पांच सौ और हजार के नोट बंद होने से सोना करीब चार हजार रुपये महंगा हो गया है। बाजार में अभी नया सोना नहीं आया है। बैंक बंद हैं तो नया सोना भी नहीं खरीद सकते इसलिए पुराने से काम चला रहे हैं। ग्राहक बड़े नोट लेकर आ रहे हैं, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया है। केवल चेक, डेबिट व क्रेडिट कार्ड से ही पेमेंट ली जा रही है। - हेमंत बख्शी, उपाध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल
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सोने के सिक्के
ग्राहक पहुंचे, पर मंदा रहा व्यापार- सोना भले ही महंगा हो गया, लेकिन इसे खरीदने के लिए ग्राहक पहुंच रहे हैं। बड़े नोट बंद होने से उसे नहीं ले रहे हैं। इसलिए कुछ ग्राहक बुकिंग करा रहे हैं। व्यापार तो काफी मंदा हो गया है। 500-1000 रुपये के नोट बंद होने से पुरानी पेमेंट अटक गई है। - सुनील सहगल, सराफा व्यापारी
नहीं लिए गए पुराने नोट- सरकार की ओर से बड़े नोट बंद करने पर सराफा व्यापारियों ने बैठक की थी। इसमें दोनों नोट नहीं लेने और कालाधन वाले लोगों से दूर रहने का फैसला लिया गया था। सराफा बाजार में भले ही ऐसे लोग घूमते रहे, लेकिन व्यापारियों ने इनसे दूरी बनाए रखी। साथ ही, 500-1000 रुपये के नोट भी नहीं लिए। इस वजह से व्यापार मंदा रहा। - राकेश वर्मा, प्रधान, गोल्ड स्मिथ एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन