हरियाणा के पिंजौर स्थित यादविंदरा गार्डन में सैलानियों की आंखें मोहणा-सोहणा पर जा टिकीं। ये सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहे। दरअसल एक शरीर में दो बच्चों को देखकर हर कोई हैरान था। 11 साल के इन बच्चों का शरीर कमर से नीचे एक है, परंतु ऊपर से दोनों अलग-अलग हैं।
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देखिए, कुदरत का करिश्मा, एक शरीर, दो चेहरे और 4 बाजू
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कुदरत के इस करिश्मे को देखकर हर किसी के दिमाग में जिज्ञासाओं की लंबी फेहरिस्त बरबस ही बन जाती है। अमृतसर स्थित ऑल इंडिया पिंगलवाड़ा चैरिटेबल सोसाइटी के बच्चों का समूह भ्रमण के लिए आया था।
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25 बच्चों के इस समूह में 11 साल के मोहणा-सोहणा सैलानियों का ध्यान अपनी ओर खींचते रहे। समूह के साथ आए सुपरवाइजर योगेश ने बताया कि उनके साथ गार्डन घूम रहे बच्चे न तो सुन सकते हैं और न ही बोल सकते हैं। सोहणा-मोहणा का पिता दिल्ली में टैक्सी चालक है। बच्चों के शरीर के कारण घर में उन्हें देखने वालों का तांता लगा रहता था।
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सोहणा-मोहणा के पिता ने उन्हें इस सोसाइटी को सौंप दिया। सोहणा-मोहणा पांचवीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। अलग-अलग व्यक्तित्व और सोच होते हुए भी उनमें बहुत अच्छा सामंजस्य है। खाना भी अलग-अलग मुंह से खाते हैं, लेकिन पेट से नीचे का हिस्सा जुड़ा हुआ है। सोहणा किसी बात का जवाब देता है तो मोहणा भी बोलने लग जाता है।
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आल इंडिया पिंगलवाड़ा चैरिटेबल की नींव भगत पूरन सिंह ने आजादी के समय रखी थी। इस संस्था में आज करीब 1700 एसे बच्चे हैं जिन्हें उनके माता-पिता किसी भी कारण से अपने साथ नहीं रखते।