शहीदी दिवस के मौके पर हम आपको बता रहे हैं कि भगत सिंह के परिवार वाले बागी कहलाते थे। यह खुलासा किया उनके भतीजे किरणजीत सिंह संधू ने।
विज्ञापन
2 of 5
भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव
किरणजीत सिंह संधू कहते हैं कि स्वार्थी राजनीतिज्ञों की वजह से देश में आज भी शहीदों के सपने साकार नहीं हुए हैं। आज भी देश जाति, धर्म, क्षेत्रवाद आदि में बंटा हुआ है। कुछ स्वार्थी नेता सत्ता के लालच में देश के प्रति फर्ज भूल रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 5
भगत सिंह शहीदी दिवस
किरणजीत सिंह संधू बताते हैं कि शहीद भगत सिंह का मानना था कि देश सही मायनों में तभी आजाद माना जाएगा जब हर स्तर पर हो रहा भेदभाव, छुआछूत, अमीरी-गरीबी, धर्म, जाति एवं क्षेत्रवाद को एक तरफ कर सिर्फ देश के प्रति समर्पण की भावना हर मन में जागृत होगी।
4 of 5
bhagat singh
किरणजीत सिंह संधू कहते हैं कि बेशक कुछ स्वार्थी नेताओं ने शहीदों का नामोनिशां मिटाने की कोशिश की हो, लेकिन शहीद लोगों के दिलों में आज भी राज करते हैं। बता दें कि शहीद भगत सिंह की जन्म तारीख को लेकर लोगों में विरोधाभास है। उनके परिजन 28 सितंबर को ही उनकी जन्म तारीख मानते हैं।
किरणजीत सिंह संधू ने युवाओं का आह्वान किया कि वह मन लगाकर पढ़ाई कर अपना चहुंमुखी विकास कर देश के प्रति आस्था को जागृत करें। वो दिन दूर नहीं जब देश के बच्चे-बच्चे के मन में देशभक्ति की भावना का उदय होगा और इंकलाब जिंदाबाद के नारे फिर गली-गली में गूंजने लगेंगे।