दो भाइयों को कबाड़ से ऐसा जुगाड़ सूझा कि तीन फीट चौड़ी और महज 6 फीट लंबी जीप बना डाली। एवरेज एक लीटर डीजल में 35 किलोमीटर है। देखिए, पूरा मामला।
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कबाड़ से सूझा जुगाड़, एक लाख में बना दी मिनी जीप, एवरेज गजब
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ये दोनों भाई हैं रोहतक निवासी सलमुद्दीन और समसू खान। ये दिल्ली रोड पर ही अपनी लोहे के जंगले, खिड़की व ग्रिल आदि बनाने की दुकान चलाते हैं। जीप की खास बात ये है कि इसमें स्टेयरिंग मारुति का है तो इंजन टेम्पो का।
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कबाड़ से सूझा जुगाड़, एक लाख में बना दी मिनी जीप, एवरेज गजब
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दोनों भाइयों ने कुछ अलग करने की सोची और उन्हें खुली जीप का शौक तो था ही, इसलिए जीप बनाने की ठान ली, वो भी ऐसी कि जो छोटी हो और शहर की संकरी गलियों व बाजारों में से भी आसानी से गुजर जाए।
कबाड़ से सूझा जुगाड़, एक लाख में बना दी मिनी जीप, एवरेज गजब
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सलमुद्दीन बताते हैं कि जीप की जब बॉडी बनानी शुरू की तो खूब माथापच्ची हुई। आखिरकार 6 फीट लंबी और 3 फीट चौड़ी बॉडी बनाई गई। समसू बताते हैं कि दोनों भाई दिनभर दुकान पर काम करते थे, इसलिए रात को जीप पर काम करते थे। जीप को बनाने में दो महीने लगे।
कबाड़ से सूझा जुगाड़, एक लाख में बना दी मिनी जीप, एवरेज गजब
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जीप को बनाने में करीब 1 लाख रुपये की लागत आई। लोग इसके दोगुने रेट तक देने को तैयार हैं, लेकिन खान बंधू इसे किसी कीमत पर बेचना नहीं चाहते। खान बंधुओं का कहना है कि वे प्रोफेशनल नहीं हैं। जीप खुद के लिए बनाई है, इसलिए वे इसे बेचेंगे नहीं और न ही दूसरी जीप बनाएंगे।