सिर्फ 10 मिनट में शेर-शेरनी नौजवान पर 'काल' बनकर झपटे और उसकी जान ले ली। तस्वीरों में लाइव देखिए वो मंजर, कैसे लायन सफारी ने एक शख्स को दी खौफनाक मौत।
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छतबीर जू में हादसा
एक ने दबोचा, दूसरे ने दी मौत
छतबीड़ जू जीरकपुर की लायन सफारी में चोरी-छिपे घुसे एक युवक को शेर-शेरनी ने नोच-नोचकर कर मार डाला। युवराज ने पलक झपकते ही उसे दबोच लिया और शिल्पा ने उसकी गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर वार किया। आठ मिनट बाद जब तक जू कर्मी उसे बचाने पहुंचे, युवक की सांसें थमने लगी थीं। उसे दो मिनट के अंदर शेरों से छुड़वाया गया। आनन-फानन में चंडीगढ़ में सेक्टर-32 स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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छतबीर जू में हादसा
पिछली दीवार फांदकर घुसा था युवक
चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि जू की लायन सफारी में कुल चार शेर हैं। इनमें दो नर और दो मादा हैं। एक दिन एक जोड़े व अगले दिन दूसरे जोड़े को खुले में छोड़ा जाता है, ताकि ये आपस में न लड़े। रविवार को युवराज और शिल्पा के जोड़े को छोड़ा गया था। दोपहर 2.20 बजे जू की पिछली ओर से घग्गर नदी की तरफ से 21 फुट ऊंची सुरक्षा दीवार फांदकर एक युवक लायन सफारी में घुस गया। इस पर गुस्साए शेर-शेरनी ने उसे दबोच लिया।
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छतबीर जू में हादसा
कोई दस्तावेज नहीं मिला, पहचान के लिए पोस्टर जारी किया
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह ने कहा कि मृतक से कोई ऐसा दस्तावेज नहीं मिला है, जिससे उसकी पहचान हो सके। उसकी उम्र तकरीबन 26 साल के करीब लग रही है। उसने नीले रंग की पैंट और इसी रंग की टी शर्ट पहनी हुई है। युवक की पहचान के लिए पुलिस ने पोस्टर भी जारी कर दिया है। इंस्पेक्टर गुरजीत ने युवक के मंदबुद्धि होने की भी संभावना जताई है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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छतबीर जू में हादसा
सैलानियों में दहशत
हादसे का पता चलने पर जू में घूमने आए सैलानियों में दहशत का माहौल पैदा हो गया। घटना के समय सफारी में बस के द्वारा गए सैलानियों को एहतियातन बाहर निकाला गया। हिंसक हुए शेर-शेरनी के इस जोड़े को काबू करने में तकरीबन एक घंटा लग गया। इन्हें बड़ी मुश्किल से पिंजरे में बंद किया गया। प्रबंधकों ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है कि आखिर व्यक्ति अंदर कैसे दाखिल हुआ।
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छतबीर जू में हादसा
21 फुट ऊंची है बाड़, जू की लापरवाही नहीं: डायरेक्टर
फील्ड डायरेक्टर एम सुधाकर ने सुरक्षा में कमी के सवाल पर कहा कि जू प्रबंधक की कोई लापरवाही नहीं है। 21 फुट ऊंची लोहे की बाड़ लगाई गई है, जहां से दाखिल होना मुश्किल है। इसके बावजूद युवक के दाखिल होने की जांच की जा रही है। यदि सुरक्षा में कोई कमी नजर आई तो उसमें सुधार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आठ मिनट में बचाव दल ने युवक को शेरों की गिरफ्त से आजाद करा लिया था।
2018 में भी हुई थी चुक
इससे पहले जुलाई 2018 में नियमों को ताक पर रखते हुए ठेकेदारों ने अधिक कमाई के चक्कर मे नियमों का उल्लंघन किया गया था। लोगों की भीड़ देखकर बिना सुरक्षा जाली लगी 2 स्कूल बसें ठेके पर लेकर सैलानियों को खुले शेरों के बाड़े में घुमाने के लिए लगा दी गई थी। जबकि शेर सफारी के ठेकेदार के पास दो बसें ही थी, जिन पर उसके ठेके के एग्रीमेंट में लिखीं शर्तों कमुताबिक सुरक्षा जाली लगी हुई थी।