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मलेरिया कोई आम बीमारी नहीं, बचाव ही उपाय है वरना जान भी जा सकती है

Thu, 27 Apr 2017 09:38 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मलेरिया
यदि आप मलेरिया को आम बीमारी समझते हैं तो बहुत बड़ी गलती करते हैं। इससे बचाव ही उपाय है, वरना आपकी जान भी जा सकती है।
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मलेरिया
डेंगू-चिकनगुनिया के लिए भले ही शहर परेशान होता रहा है, लेकिन मलेरिया रोगियों की संख्या में काफी कमी आई है। छह साल में यह आधी से भी कम रह गई है। साल 2011 में मलेरिया रोगियों की कुल संख्या 422 दर्ज की गई थी, जो पिछले साल सिमटकर 122 रह गई है। जनवरी से लेकर अप्रैल तक सिर्फ एक ही केस सामने आया है। हालांकि विभाग का दावा है कि यह केस चंडीगढ़ का नहीं है। बाहर से माइग्रेट होकर आया था।
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मलेरिया
एंटी मलेरिया अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि साल 2018 तक चंडीगढ़ को मलेरिया फ्री बनाना है। साल 2016 में भारत सरकार ने 15 स्टेट व यूटी को मलेरिया फ्री बनाने का लक्ष्य रखा था। इसमें चंडीगढ़ भी शामिल है। पिछले साल ही चंडीगढ़ को मलेरिया फ्री बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया था। इस बार पिछले साल के मुकाबले आधे केस करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर अभी से काम शुरू कर दिया गया है।

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मलेरिया
मलेरिया फ्री बनाने के लिए डिपार्टमेंट ने कुछ इलाकों को आइडेंटिफाई किया है, जिससे ज्यादा केस आते हैं। इनमें मुख्य रूप से सेक्टर 45, मनीमाजरा, कॉलोनी नंबर चार, मौलीजागरां, मनीमाजरा, धनास, डड्डूमाजरा, इंदिरा कॉलोनी और उन इलाकों में जहां सबसे ज्यादा पीजी हैं। इनमें लोगों को जागरूक बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। सर्विलांस तेज किया जाएगा। इन इलाकों में बुखार के हर पेशेंट की मलेरिया स्लाइड बनाई जाएगी।

 
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मलेरिया - फोटो : File Photo
ऐसे फैलता है मलेरिया: मलेरिया प्लास्मोडियम गण के मुख्य रूप से दो सदस्य मनुष्य को संक्रमित करते हैं। पहला वाइवैक्स व दूसरा फैल्सीफेरम। वाइवैक्स के मुकाबले फैल्सीफेरम ज्यादा खतरनाक है। इसकी चपेट में आने से मौत भी हो सकती है। मलेरिया मादा एनोलीज जाति के मच्छरों से मलेरिया का रोग फैलता है। यह दो चक्र में फैलता है।
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मलेरिया
जब संक्रमित मादा एनोलीज मच्छर किसी स्वस्थ मनुष्य को काटता है तो वह अपने लार के साथ उसके रक्त में मलेरिया परजीवी को पहुंचा देता है। करीब दस से 12 दिन बाद मलेरिया रोग के लक्षण मिलने लगते हैं। मलेरिया रोगी को काटने पर असंक्रमित मादा एनोलीज मच्छर रोगी के खून के साथ मलेरिया परजीवी को भी चूस लेते हैं। 12-14 दिनों मे मादा एनोलीज मच्छर भी संक्रमित होकर मलेरिया फैलाने में सक्षम हो जाते हैं।
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मलेरिया - फोटो : Demo Pic
मलेरिया के लक्षण: अचानक सर्दी लगना, फिर गर्मी लगकर तेज बुखार होना, पसीना आकर बुखार कम होना व कमजोर महसूस करना। पास की डिस्पेंसरी में रक्त की जांच करवाएं। डाक्टर की सलाह पर क्लोरोक्विन मेडिसिन खाएं। खूब पानी पीएं या तरल पदार्थ लें। जब तक बुखार रहे तब तक आराम करें। आराम नहीं करने पर यह बढ़ने लगता है
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मलेरिया
ऐसे दें मलेरिया को मात: घर के आसपास व छतों पर पानी जमा न होने दें। घरों में बर्तनों, होदियों व कूलरों को सप्ताह में एक बार सुखाकर दोबारा प्रयोग में लाएं। छत पर रखे कबाड़ में पानी न जमा होने दें। घर के आसपास गड्डों को मिट्टी से धक दें। जिस जगह पर मच्छरों के पनपने का डर हो, वहां पर जाने से बचना चाहिए।
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