भारत- पाक बंटवारे को लेकर बॉलीवुड का ये निर्माता आज भी पुरानी यादों को याद कर रो देता है। कई साल बीत जाने के बाद भी आज भी उनके दिल में यादें अब भी बसी हैं।
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बंटवारे के दर्द में छलके महेश भट्ट के आंसू
- फोटो : अमर उजाला
आजादी की खुशी के साथ भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दर्द को कहानी में समेटे हुए बेगम जान को दिखाने के लिए मुंबई से महेश भट्ट अमृतसर पहुंचे तो पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के साथ दोनों मुल्कों के बंटवारे पर बने वंड म्यूजियम में बंटवारे का दर्द देखा। शाम को बेगम जान की स्क्रीनिंग एक होटल में हुई, जिसमें शहर के गणमान्य लोगों ने शिरकत की।
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बंटवारे के दर्द में छलके महेश भट्ट के आंसू
- फोटो : अमर उजाला
इस मौके पर बंटवारे के दर्द सांझा करते हुए महेश भट्ट ने फिल्म के दौरान शूटिंग की कुछ किस्से सुनाएं, वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान को भी बातों में लपेटते हुए कहा कि अच्छा पड़ोसी के साथ-साथ मैत्री धर्म निभाना हर पड़ोसी का फर्ज बनता है।
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बंटवारे के दर्द में छलके महेश भट्ट के आंसू
अपनी कहानियों से दुनियां को रुलाने वाले महेश भट्ट शुक्रवार खुद अपनी कहानी पर बनी फिल्म बेगम जान देख आंखों से आंसू छलक आए। पार्टीशन म्यूजियम में बंटवारे को दर्शाती पेंटिंग देखी तो मन भर आया।
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महेश भट्ट
मीडिया से रूबरू हुए तो जुबां पर पाकिस्तान था तो दिल में भारत। दोनों मुल्कों के बीच बेहतर संबंधों के लिए श्री हरमंदिर साहिब में अरदास की तो वहीं शहीदों को नमन भी किया।
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महेश भट्ट
महेश भट्ट कहते हैं कि मैं बेगम जान पर फिदा हूं। मेरी सोच के मुताबिक बंटवारे के दर्द को बयां करती हुई यह पहली ऐसी फिल्म होगी जिसे देखकर जुबां पर केवल बेगम जान होगी। विद्या बालन, नसीरुद्दीन शाह, चंकी पांडे व सभी टीम ने बेहतरीन काम किया है। मैं समझता हूं कि बेगम जान को हर परिवार बार-बार देखना चाहेगा, जिसने बंटवारे में कुछ भी खोया होगा।
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महेश भट्ट
बंटवारे में दोनों देशों ने बहुत कुछ खोया है। जंग में चलने वाली गोलियां किसी मां के ही लाल का कलेजा छलनी करती हैं। वह मां पाकिस्तान की हो या हिंदुस्तान की। दोनों मुल्कों को मिलकर आतंक से लड़ना चाहिए, दोनों मुल्कों की जंग आतंक से है दोनों तरफ की अवाम के साथ नहीं।
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महेश भट्ट
उन्होंने कहा पाकिस्तान में भारतीय नौसेना के पूर्व सैनिक कुलभूषण जाधव का मामला ओपन कोर्ट में चलना चाहिए। ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले की पारदर्शिता बनी रहे।
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बंटवारे के दर्द में छलके महेश भट्ट के आंसू
पाकिस्तान में बेगम जान को बैन कर दिया गया है। महेश भट्ट कहते हैं कि पहले फिल्म देखें फिर फैसला करे। बेगम जान में बंटवारे का दर्द बताया गया है। बंटवारे में कैसे बेटियां बंट गई, कैसी बहनें बिछुड़ी। किस तरह कोख उजड़ीं, यह दर्द है।
पाकिस्तान अवाम ने फिल्म बैन नहीं की है, बल्कि सियासतदानों ने की है। भट्ट आगे कहते हैं भारत-पाकिस्तान में दो तरह की अवाम सोचती है। एक जंग तो दूसरी मोहब्बत। मेरे समझ में दोनों मुल्कों को मिलकर आतंक से जंग लड़नी चाहिए और मोहब्बत से दोनों एक साथ रहना चाहिए। फनकारों के लिए कोई सरहद नहीं होती। मोहम्मद रफी के गीत पाकिस्तान भी सुनता है और भारत भी गुनगुनाता है।