कांग्रेस हाईकमान के सामने शक्ति प्रदर्शन के लिए अमृतसर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की लंच डिप्लोमेसी सफल रही। कैप्टन के पटियाला स्थित आवास मोती महल में रखे गए लंच में पंजाब में कांग्रेस के कुल 44 में से 35 विधायक शामिल रहे। इन सभी विधायकों ने कैप्टन के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए कहा कि पंजाब में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत केवल कैप्टन की लीडरशिप ही दिला सकती है।
विज्ञापन
लंच डिप्लोमेसी या कैप्टन का शक्ति प्रदर्शन, देखिए
2 of 4
प्रदेश कांग्रेस के मौजूदा प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुहिम छेड़ रखी है। इसी के तहत वह नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलकर बाजवा को हटाने की मांग भी करके आए हैं। इसके बाद कैप्टन ने शक्ति प्रदर्शन के लिए लंच डिप्लोमेसी का इस्तेमाल किया। मोती महल में लंच के लिए पहुंचे 35 मौजूदा विधायक, 50 पूर्व विधायक, राज्य और जिला पदाधिकारी पहुंचे। सभी ने एकजुट होकर कैप्टन की हिमायत की और साफ किया कि उन्हें पंजाब में कैप्टन की अध्यक्षता चाहिए।
विज्ञापन
लंच डिप्लोमेसी या कैप्टन का शक्ति प्रदर्शन, देखिए
3 of 4
बैठक में पहुंचे नाभा से विधायक साधु सिंह धर्मसोत ने कहा कि उन्हें पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की लीडरशिप चाहिए। विधायक अश्विनी सेखड़ी, राजपुरा से हरदियाल सिंह कंबोज, राणा गुरजीत सिंह और डॉ. राजकुमार वेरका का कहना है कि कैप्टन पंजाब के सबसे पापुलर लीडर हैं, ऐसे में अगर कांग्रेस को 2017 का चुनाव जीतना है, तो कैप्टन ही पार्टी को लीड करें।
लंच पर पहुंचे सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू और खन्ना से एमएलए गुरकीरत कोटली ने कैप्टन की लीडरशिप में विश्वास जताया। कैप्टन के लंच से उनके पड़ोसी पटियाला देहाती हलके से विधायक ब्रह्म मोहिंदरा, पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्ठल की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय रही।