बचाव ही उपाय है, वरना जान भी जा सकती है। जब भी घर में रसोई गैस सिलेंडर आए तो यह चीज जरूर चेक कर लें, वरना आपकी जान को खतरा हो सकता है।
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रसोई गैस सिलेंडर
जान लीजिए कि एक रसोई गैस सिलेंडर की जिंदगी अधिकतम 10 साल होती है। उसके बाद निष्प्रयोज्य हो जाता है और अवधि समाप्त होने पर गैस रिफलिंग के बाद यह कभी भी फट सकता है। ऐसे में आपके घर में आने वाले सिलेंडर एक्सपायर डेट के हो सकते हैं, जो खतरनाक हैं। इसलिए जरूरी है कि जब भी सिलेंडर आए तो एक्सपायरी डेट की जांच जरूर कर लें।
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ऐसे करें जांच
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम तीनों ही कंपनियों के एलपीजी सिलेंडर में तीन पत्तियां लगी रहती हैं। इसमें दो पत्तियों पर सिलेंडर का वजन और तीसरी पत्ती में कुछ नंबर लिखे होते हैं। यह वास्तव में सिलेंडर की एक्सपायरी डेट होती है। आप एक्सपायरी वर्ष को समझ सकता है, लेकिन महीना समझने के लिए साथ लिखे ए, बी, सी और डी का गणित समझना जरूरी है।
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एलपीजी
- फोटो : SELF
देखा होगा कि सिलेंडर में पट्टी पर ए-10, बी-12 या सी-15, डी-14 लिखा होता है। चारों एल्फाबेट में साल के 12 महीने ग्रुप में बंटे हुए हैं। ए का मतलब जनवरी से मार्च तक, बी का मतलब अप्रैल से जून तक, सी का मतलब जुलाई से सितंबर व डी का मतलब अक्तूबर से दिसंबर तक। ए, बी, सी और डी अंकों के बाद लिखी संख्या एक्सपायरी वर्ष होती है। अब अगर पट्टी पर डी-18 लिखा है तो सिलेंडर दिसंबर 2018 को एक्सपायर हो जाएगा।
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रसोई गैस सिलेंडर
बता दें कि चूल्हे और गैस सिलेंडर में लगी सुरक्षा पाइप का अहम रोल होता है। सुरक्षा पाइप 1.5 मीटर से ज्यादा लंबी या इससे छोटी नहीं होनी चाहिए। 5 साल के बाद सुरक्षा पाइप को बदल देना चाहिए। कई लोग रबड़ वाली पाइप का प्रयोग करते हैं, जो घातक सिद्ध हो सकती है। सुरक्षा पाइप में 5 तरह की परतें होती हैं जो कि इसे सुरक्षित बनाती है। इसलिए इसे सुरक्षा पाइप कहते हैं। इसके साथ-साथ हमेशा चूल्हे को ऊपर रखे और गैस सिलेंडर नीचे रखा होना चाहिए।
गैस सिलेंडर के आसपास कोई भी ज्वलनशील पदार्थ या फिर बिजली के उपकरण नहीं होने चाहिए। रेगुलेटर को लेकर भी अकसर लोग सावधानी नहीं बरते हैं। रेगुलेटर उसी कंपनी को होना चाहिए जिस कंपनी का सिलेंडर होता है। कंपनी सिलेंडर के मुताबिक ही रेगुलेटर का निर्माण करती है। उन्होंने बताया कि आईएसआई मार्क के चूल्हे का ही इस्तेमाल करना चाहिए और समय-समय पर चूल्हे की सर्विस करवाते रहना चाहिए।