फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Photos: भोले बाबा का फ्रूट-चॉकलेट से शृंगार, ये अवतार कहीं नहीं देखा होगा

Thu, 13 Jul 2017 09:14 AM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 6
तीस दिनों में तीस प्रकार से बाबा का शृंगार
भगवान शिव का फूलों और फलों से ही नहीं बल्कि विभिन्न कई लजीज चीजों से शृंगार हो रहा है। यकीं न हो तो खुद देखिए...
विज्ञापन

2 of 6
तीस दिनों में तीस प्रकार से बाबा का शृंगार
यह हो रहा है चंडीगढ़ के सेक्टर-30 के श्री शिव शक्ति मंदिर स्थित शिवालय में। इस मंदिर में बाबा का हर दिन नए प्रकार से भव्य शृंगार हो रहा है। यह पूरा सावन तक चलेगा। बड़ी संख्या में शृंगार दर्शन के लिए भक्त मंदिर में पहुंचते हैं। खास बात यह है कि सावन के तीस दिनों में 30 प्रकार का शृंगार भगवान का होता है। बाबा के शृंगार पर हर रोज करीब 20 हजार रुपये तक का खर्च आता है।
विज्ञापन

3 of 6
तीस दिनों में तीस प्रकार से बाबा का शृंगार
​मंदिर के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि भगवान शिव का फलों से, फूलों से, 56 भोग, ड्राइफ्रूट, चॉकलेट, फ्रूटी सहित अन्य प्रकार के चीजों से शृंगार होता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सावन के दूसरे दिन बाबा का शृंगार ब्रांडेड नमकीन से हुआ। इसमें आलू भुजिया, मूंग की दाल सहित अन्य प्रकार के नमकीन से शृंगार हुआ।

4 of 6
तीस दिनों में तीस प्रकार से बाबा का शृंगार
पांच घंटे में सजते हैं बाबा.
मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक भगवान का जलाभिषेक होता है। उसके  बाद मंदिर की सफाई के बाद सात लोग जिसमें तीन पुजारी और चार सेवादार लगातार पांच घंटे तक बाबा को सजाने में लगते हैं। शाम छह बजे तक बाबा सज जाते हैं।
विज्ञापन

5 of 6
lord shiva
बाबा के सजने के बाद मंदिर में भक्त एक घंटे तक मानसिक पूजा करते हैं। उसके बाद भक्त बाबा का शृंगार दर्शन करना शुरू करते हैं। रात नौ बजे आरती के बाद सैकड़ों लोगों को प्रसाद बांटा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
lord shiva and parvati
​शहर की सुख शांति और समृद्धि के लिए मंदिर के पुजारियों की ओर से महामृत्युंजय का जाप शुरू किया गया है। साथ ही कालसर्प दोष के निवारण की धार्मिक प्रक्रिया भी शुरू हुई है। बाबा को सजाने के लिए बुकिंग पुरी हो गई है।  इस वर्ष सावन में किसी भक्त का नंबर नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें