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सूफी गायक के साथ-साथ भाजपा की जीत के 'हीरो' भी रह चुके हैं हंसराज हंस, 5 अनकही बातें

Tue, 23 Apr 2019 01:45 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हंस राज हंस - फोटो : सोशल मीडिया
हंसराज हंस सूफी गायक तो हैं ही, वे भाजपा की जीत के 'हीरो' भी रह चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बब्बर शेर बताया था, जानिए उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से भाजपा के इस प्रत्याशी के बारे में पांच अनकही बातें।
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हंसराज हंस
पंजाबी गायक हंस का जन्म 30 नवंबर, 1953 को पंजाब में जालंधर जिले के गांव शफीपुर में हुआ। हंस 1983 से लगातार म्यूजिक इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। उन्होंने ऊपर खुदा आसमां नीचे, टोटे-टोटे हो गया, तेरे बिन नई जीना मर जाना जैसे गानों से अपनी खास पहचान बनाई है।
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हंसराज हंस - फोटो : अमर उजाला
हंसराज हंस ने 2009 में शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हंसराज हंस ने फरवरी 2016 को अकाली दल छोड़कर कांग्रेस ज्वॉइन की थी। लेकिन किन्हीं कारणों से वे पार्टी से नाराज हो गए थे।

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हंसराज हंस
साल खत्म होते-होते हंसराज हंस ने कांग्रेस छोड़ भी दी। दिसंबर 2016 में हंसराज हंस ने भाजपा ज्वॉइन करते समय कहा कि जहां मोदी हैं वहां कमजोरी नहीं हो सकती। मोदी बब्बर शेर हैं। उन्होने पीएम मोदी पर एक गाना भी बनाया थी, जिसे सिंगर दिल्ली नगर निगम चुनाव की रैलियों में गाते हुए भी दिखाई दिए थे।
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हंसराज हंस
हंसराज हंस पंजाब के दोआबा क्षेत्र में अच्छा प्रभाव रखते हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव 2017 से पहले ये संभावना जताई जा रही थी हंसराज हंस भाजपा की टिकट पर अमृतसर से चुनाव लड़ सकते है, हालांकि ऐसा हुआ नहीं और हंसराज हंस को दिल्ली में अहम जिम्मेदारी दे दी गई थी।
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हंसराज हंस
2017 में ही भाजपा ने दिल्ली नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस जीत के हीरो हंसराज हंस ही थे। हंसराज हंस ने दिल्ली में चुनाव के दौरान कई रैलियां और कई जनसभाएं की, जिसका नतीजा परिणामों में साफ देखा गया। इस तरह हंसराज हंस ने चुनाव जीतने में अहम भूमिका निभाई।
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