ईवीएम मशीन में अब गड़बड़ी नहीं होगी, वहीं अगर फर्जी मतदान की शिकायत झृठी निकली तो जेल जाना पड़ेगा। दरअसल, निर्वाचन आयोग ने एक फरमान जारी किया है, जो हर किसी के लिए मानना जरूरी है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 7
evm
- फोटो : ANI
शिकायत गलती निकली तो...
चुनाव में फर्जी मतदान और ईवीएम मशीन पर लगने वाले गड़बड़ी के आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग ने बड़ा निर्णय लिया है। आगामी लोकसभा चुनाव में ईवीएम मशीन के साथ वीवीपैट मशीन को अटैच कर दी गई है। उससे शिकायत होने पर तत्काल वोट का सत्यापन किया जा सकेगा। बावजूद इसके मशीन में गड़बड़ी होने या वोट दूसरे प्रत्याशी के डाले जाने की शिकायत के आरोप फर्जी पाए गए तो शिकायतकर्ता के वोट को निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यदि पीठासीन अधिकारी को शिकायतकर्ता की मंशा गलत लगी तो उसे झूठी शिकायत करने के मामले में आरोपित किया जा सकता है। इसमें जेल व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान है।
विज्ञापन
3 of 7
ईवीएम
शिकायत सही निकली तो...
वहीं यदि शिकायत सही मिली तो मतदान बंद करके निर्वाचन अधिकारी को सूचित किया जाएगा। इसके बाद आयोग द्वारा अगली कार्रवाई की जाएगी। चुनाव में कई जगह खासकर गैर सत्ताधारी पार्टी या अन्य लोग मतदान के दौरान ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी बताते हुए वोट सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में डलने की शिकायत करते हैं। इसको लेकर निर्वाचन आयोग कुछ साल से गंभीरता दिखा रहा है और इसका समाधान वीवीपैट मशीन के माध्यम से निकाला है। यह मशीन ईवीएम के साथ अटैच की जाएगी। मुख्य संयुक्त निर्वाचन अधिकारी आईएएस अर्जुन शर्मा ने बताया कि अब कोई भी मतदाता मतदान करने के बाद अपना मत देख सकेगा कि उसका वोट सही डला है या अन्य प्रत्याशी के खाते में तो नहीं पड़ गया है।
4 of 7
EVM
उन्होंने बताया कि इसके बावजूद कोई भी मतदाता मशीन में गड़बड़ी होने या फिर वोट अन्य को डल जाने की शिकायत करता है तो पहले शिकायतकर्ता को समझाया जाएगा। इसके बावजूद संतुष्ट नहीं होने पर उससे एफिडेविट भरवाकर उसे पीठासीन अधिकारी, पोलिंग अधिकारी समेत अन्य अधिकारी पोलिंग एजेंट की मौजूदगी में टेस्ट वोटिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उसमें शिकायत सही पाई गई तो मतदान रोककर जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचित किया जाएगा। वही शिकायत झूठी पाई गई तो शिकायतकर्ता का वोट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अगर पीठासीन अधिकारी को लगा कि शिकायतकर्ता गलत तरीके से परेशान कर रहा है तो उसके खिलाफ वह कार्रवाई भी कर सकता है।
विज्ञापन
5 of 7
वीवीपीएटी
- फोटो : self
वीवीपैट मशीन ऐसे करेगी काम
वीवीपैट मशीन (वेरिफाई पेपर ऑडिट ट्रेल) स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली के रुप में काम में ली जाएगी। इस मशीन पर वोट देते ही मतदाता को उसके द्वारा दिया गया वोट किस प्रत्याशी का दिया गया है, उसका नाम व चुनाव चिन्ह मशीन की स्क्रीन पर नजर जाएगा। इससे मतदाता संतुष्ट हो सकेगा। वहीं आवश्यकता पड़ने पर संग्रहित इलेक्ट्रोनिक परिणामों का ऑडिट करने की सुविधा मिल सकेगी। वीवीपैट मशीन से पूरी पारदर्शिता रहती है। इसमें वोट देते ही वीवीपैट मशीन की स्क्रीन पर सात सेकंड तक यह प्रदिर्शत होता है कि वोट किस प्रत्याशी को पड़ा है।
विज्ञापन
6 of 7
वीवीपीएटी
बूथों पर शिविर का हुआ आयोजन
निर्वाचन आयोग ने चंडीगढ़ के सभी पोलिंग बूथों पर विशेष शिविर का आयोजन किया। दो दिवसीय इस शिविर में वोटर आई कार्ड के साथ मतदाताओं की समस्या से बीएलओ रूबरू हुए। कई बूथों पर चीफ इलेक्शन ऑफिसर अजोए कुमार सिन्हा और संयुक्त चीफ इलेक्शन ऑफिसर अर्जुन शर्मा ने निरीक्षण किया। इस दौरान अजोए कुमार सिन्हा ने वहां मौजूद बीएलओ को दिशा निर्देश भी दिए। मतदाताओं ने वहां मौजूद मतदाता लिस्ट में अपना नाम चेक किया। साथ ही जिनके वोटर आईडी में किसी प्रकार की कोई परेशानी थी, उसको भी वहां मौजूद बीएलओ ने हल किया।
ऐसे करें वोटर कार्ड में सुधार
इन विशेष शिविरों का उद्देश्य सभी अपंजीकृत पात्र व्यक्तियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और पंजीकृत मतदाताओं के नाम और पते के विवरण में सुधार या सत्यापन की सुविधा प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक वोटर कार्ड में सही जानकारी हो, जिससे कोई भी मतदान करने से वंचित न रह जाए। बीएलओ 2019 के अंतिम मतदाता सूची की प्रतियों के साथ शिविरों में उपस्थित रहें। यहां मतदाता के नाम की एक प्रति मतदान केंद्र में उपलब्ध होगी ताकि मतदाता अपना नाम चैक कर सके। सभी बीएलओ फार्म 6, 7, 8 और 8ए की प्रतियां अपने पास रखे रहे।