हरियाणा में गेस्ट टीचरों का आंदोलन अब सरकार और टीचर दोनों के लिए इज्जत का सवाल बन गया है। नौकरी बचाने के लिए टीचरों ने अब पीएम मोदी को खून से पत्र लिखा है। तस्वीरों में पूरा मामला।
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मोदी-शाह को लिखा खून से पत्र...ताकि बच जाए नौकरी
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पिछले 9 दिनों से करनाल में डेरा डाले गेस्ट टीचरों की जहां सरकार कोई सुध नहीं ले रही है, वहीं गेस्ट टीचरों ने अपनी नौकरी बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। हरियाणा सरकार को चेताने के लिए अतिथि अध्यापकों के परिजनों व महिला गेस्ट टीचरों ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह को पत्र लिखा। साथ ही बीजेपी घोषणापत्र में किए वायदे को पूरा करने की मांग की।
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इसके साथ ही, अतिथि अध्यापकों ने सांसद अश्वनी चोपड़ा के सेक्टर आठ स्थित निवास स्थान का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान काफी देर तक उन्होंने नारेबाजी की और परिजनों ने पुलिस को खरी-खरी सुनी। निवास स्थान पर नहीं जाने देने के बाद गुस्साए अतिथियों ने सांसद का पुतला फूंका।
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नौवें दिन का महापड़ाव पारस शर्मा की अध्यक्षता में रखा गया। पारस शर्मा ने बताया कि शनिवार को बुजुर्ग महिला बिरजो, किसनी देवी, ननिया देवी, किसनवंती, प्रेमलता व कमलेश देवी ने जब अपने बच्चों को 9 दिनों से करनाल में बैठे देखा तो उनसे गेस्ट टीचरों का दर्द देखा नहीं गया और वो भी अपनी उम्र का ख्याल छोड़ इस आंदोलन में आहुति डालने के लिए कूद पड़ी।
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9 दिन से चल रही इस लड़ाई में महिला गेस्ट टीचर भी पीछे नहीं रही। फरीदाबाद से कृष्णा शर्मा, गुरमीत कोर, सुमन, गुड़गांव से संतोष सैनी व सुनीता पलवल आदि 31 गेस्ट टीचरों ने अपने खून से पत्र लिख नियमित करने की मांग की।
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हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र शास्त्री ने बताया कि करनाल का प्रशासन गेस्ट टीचरों को उग्र रूप धारण करने के लिए ओछे हथकंडे अपनाकर मजबूर कर रहा है।
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राजेन्द्र शास्त्री ने बताया कि प्रशासन उन्हें हर रोज धरणे की अनुमति के लिए तो परेशान कर ही रहा था, साथ में अब प्रशासन के अधिकारी टेंट, पानी, बिजली व साउंड के मालिकों को सभी सेवाएं बंद करने के लिए बार बार फोन पर धमकियां दे रहे हैं।
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इतना ही नहीं प्रशासन ने किसी महिला गेस्ट टीचर को धर्मशाला व गुरुद्वारे में शरण देने से भी मना कर रखा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन या तो उन्हें सहयोग करे अन्यथा किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसके लिए पूर्ण रूप से प्रशासन जिम्मेदार होगा।
संघ के प्रदेश प्रवक्ता अजय लोहान ने बताया कि सरकार उनके साथ आंख मिचौली का काम कर रही है, लेकिन वो सरकार की नीयत को अच्छी तरह समझते हैं और किसी भी हाल में अपना जोश कम नहीं होने देंगे।