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मार्क टली के साथ देखिए ‘भारत: एक अंतहीन यात्रा...’

Mon, 15 Sep 2014 01:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुविख्यात पत्रकार और लेखक मार्क टली रविवार को यूटी गेस्ट हाउस के सभागार में चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के हैरीटेज फेस्टिवल के तहत आयोजित ‘भारत : एक अंतहीन यात्रा...’ विषय पर आधारित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थतंत्र अमीर देशों के विकास के रास्ते पर चलेगा तो बहुत नुकसान में रहेगा।
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मार्क टली के साथ देखिए ‘भारत: एक अंतहीन यात्रा...’

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व्याख्यान में उन्होंने कहा कि विकास के समाजवादी मॉडल में गलती यह हुई कि सरकार के हाथ में जरूरत से ज्यादा शक्ति और अधिकार दे दिए गए। इसी तरह पूंजीवादी मॉडल में बाजार को हद से ज्यादा अधिकार मिल जाते हैं। सही रास्ता मध्यमार्ग का है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सरकार की भूमिका बनी रहनी चाहिए। भारत जैसे जनबहुल, विराट और विकासशील देश के लिए यही मध्यमार्ग अपनाना ठीक है।
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मार्क टली ने अपने व्याख्यान में कई रोचक संस्मरण भी साझा किए। मार्क टली ने चंडीगढ़ के श्रोताओं के साथ अपना एक और दर्द साझा किया। उन्होंने कहा कि सत्तर के दशक तक भारतीय श्रोताओं में बीबीसी की जबर्दस्त पैठ थी। लोग बीबीसी के समाचारों पर पक्का विश्वास करते थे। लेकिन बाद में बीबीसी की बादशाहत खत्म हो चली है।
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खचाखच भरे सभागार में मार्क टली ने एक अन्य संदर्भ में कहा कि भारत को अपने रेलवे नेटवर्क के विकास पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। मार्क टली ने कहा कि अर्थशास्त्र और आध्यात्मिकता का गहरा संबंध है और भारत सदियों से इनके बीच सही संतुलन बनाता रहा है। भारत को तथाकथित विकसित देशों की नकल करने की बजाय अपने पारंपरिक अर्थतंत्र के सिद्धांतों को कायम रखना चाहिए।
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