कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चंडीगढ़ में वकीलों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल की। वहीं 26 जनवरी को दिल्ली में हुए तिरंगे के अपमान से आहत भाजपा ने शनिवार को पंचकूला में रोष मार्च निकाला।
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चंडीगढ़ में प्रदर्शन करते वकील।
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ सेक्टर 17 प्लाजा में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और जिला अदालत के वकीलों ने भूख हड़ताल की। इस मौके पर मौजूद कमलजीत सिंह ने बताया कि 30 जनवरी के दिन महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे ने हत्या की थी। यह पूरे देश के लिए शर्मिंदगी का विषय रहा है। इसलिए किसानों के आह्वान पर यह दिन शर्मिंदगी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
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चंडीगढ़ में भूख हड़ताल पर बैठे वकील।
- फोटो : अमर उजाला
कमलजीत सिंह ने बताया कि यह भूख हड़ताल एक दिवसीय रहेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का रवैया भी पूरे देश के लिए सही नहीं है। इतने दिन से संघर्ष कर रहे किसानों की तरफ सरकार की नकारात्मक प्रतिक्रिया है। उन्होंने सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग भी उठाई है।
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पंचकूला में मार्च निकालते भाजपा कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
26 जनवरी को दिल्ली में हुए तिरंगे के अपमान से आहत भाजपा ने शनिवार को पंचकूला में रोष मार्च निकाला। इस मार्च में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ शहरवासी भी शामिल हुए।
पंचकूला में निकाला गया तिरंगा मार्च।
- फोटो : अमर उजाला
पंचकूला में भाजपा नेताओं ने 'तिरंगे का नहीं सहेगा अपमान हिन्दुस्तान' के नारे लगाए। मार्च के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में लाल किला पर उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। रोष मार्च पंचकूला के सेक्टर पांच स्थित गीता चौक से शुरू हुआ और 11/15 चौक पर संपन्न हुआ।