पति छोड़कर फरार हो गया, ससुराल वालों ने भी साथ नहीं दिया और घर से निकाल दिया। आखिर में महिला ने इंसाफ के लिए देखिए क्या रास्ता चुना?
विज्ञापन
2 of 9
थाने में आत्मदाह करने पहुंची विवाहिता
मामला हरियाणा के अंबाला कैंट का है। ढाई महीने गुजर गए, एक महिला लगातार थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन पुलिस ने न तो उसकी बात पर गंभीरता दिखाई और न ही उसके कथित पति को तलाशा, जो उसे छोड़कर फरार हो गया। आखिरकार 19 जनवरी 2017 को आशा हरियाणा के मंत्री अनिल विज के आवास पर पहुंची और उसने अपनी आपबीती व पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई की कहानी मंत्री महोदय को सुनाई। इस पर मंत्री ने फिर से थाना एसएचओ को निर्देश दिए कि नियमानुसार कार्रवाई कर उन्हें इस मामले की रिपोर्ट दी जाए।
विज्ञापन
3 of 9
थाने में आत्मदाह करने पहुंची विवाहिता
मंत्री के आश्वासनों के बाद आशा 20 जनवरी को थाना महेशनगर परिसर में पहुंच गई। लेकिन थाने में पहुंचने के बाद आशा के साथ वही सलूक किया गया, जो कई दिनों से हो रहा था। पहले तो थाने में उसकी बात की अनदेखी की जाती रही और फिर उसे थाने से वापस जाने को कह दिया गया। अपने साथ थाने में इस तरह के दुर्व्यवहार का आलम देख आशा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वे सीधे थाने से बाहर गई और थोड़ी देर बार पेट्रोल से भरी एक बोतल लेकर फिर से थाने में पहुंच गई।
4 of 9
थाने में आत्मदाह करने पहुंची विवाहिता
थाने में आते ही आशा जोर-जोर से रोने लगी और पुलिस वालों से कहने लगी कि कोई बात नहीं उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही, कहीं भी उसकी बात को नहीं सुना जा रहा, उसकी बात पर तवज्जो नहीं दी जा रही, इसलिए उसका मर जाना ही मुनासिब है...शायद मरने के बाद ही उसकी बात पर गौर किया जाएगा...अब मैं मरने जा रही हूं, कोई भी मेरे पास न भटकना, जिसको मेरे साथ जलना है, वो ही आगे आए, ये कहते हुए बिलखती आशा ने खुद पर पेट्रोल डालने का प्रयास किया।
विज्ञापन
5 of 9
थाने में आत्मदाह करने पहुंची विवाहिता
ये है आत्मदाह का प्रयास करने वाली आशा की कहानी
पीड़िता आशा ने बताया कि उसकी लव मैरिज दलीपगढ़ के एक युवक के साथ हुई थी। युवक व युवती ने एक घर में ही शादी की थी। उसके बाद से वे युवक के साथ रही थी। लेकिन युवक के परिजन इस शादी व उसके खिलाफ थे। आशा का कहना है कि वे लगातार युवक को भड़काते रहते थे। जिसके चलते युवक उसे छोड़कर चला गया। बाद में वे ससुराल गई और वहां पर पंचायत भी हुई।
विज्ञापन
6 of 9
थाने में आत्मदाह करने पहुंची विवाहिता
आशा के अनुसार पंचायत में भी से जलील कर व उसके साथ मारपीट कर भगा दिया। आशा ने बताया कि वे पहले महिला थाने में अपनी शिकायत लेकर गई थी। लेकिन महिला थाने में उस पर जबरन समझौता कर पति को छोड़ने का दबाव बनाया गया। लेकिन जब वे नहीं मानी तो उसे चेतावनी दी गई कि दोबारा अपनी कंपलेंट लेकर महिला थाने में न आइयो।
विज्ञापन
7 of 9
थाने में आत्मदाह करने पहुंची विवाहिता
आशा ने बताया कि उसके बाद वे एसपी कार्यालय फरियाद लेकर गई। वहां से संबंधित थाना प्रभारी को महिला की फरियाद सुनने के निर्देश दिए गए। जिसके बाद आशा महेशनगर थाने में पहुंची। आशा ने बताया कि वहां पुलिस ने उसके पति को बुलाया और उसका समझौता करवा दिया। लेकिन समझौते के तुरंत बाद ही उसका पति फिर से उसे छोड़कर भाग गया।
8 of 9
थाने में आत्मदाह करने पहुंची विवाहिता
आशा ने बताया कि उसका पति अपने घर में ही रह रहा है, लेकिन ससुराल वाले न तो उसे रखते हैं और न ही पति से मिलने देते हैं। आशा के अनुसार वे दोबारा यही शिकायत लेकर महेशनगर थाने पहुंची तो पुलिस ने उसकी जमकर डांट लगाई और फिर दबाव बनाते हुए पति के लापता होने की तहरीर दर्ज कर उसे वहां से लौटा दिया।
आशा ने बताया कि उसे कई रातें स्टेशन के विभिन्न वेटिंग रूम में यात्रियों के बीच गुजारनी पड़ी। उसके बाद वे मंत्री विज के पास गई और मंत्री ने पुलिस को कई बार उसकी सुनवाई करने को कहा, लेकिन पुलिस आज तक उसे सिर्फ भटका रही है, लिहाजा उसने अब पेट्रोल से खुद को आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया है।