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दिल्ली सीमा पर डटे किसान, खेतों में महिलाओं ने मोर्चा संभाला, बोलीं- न फसल सूखने देंगे, न बच्चे भूखे सोएंगे

Sat, 05 Dec 2020 02:16 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
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खेतों में महिलाओं ने संभाला मोर्चा। - फोटो : अमर उजाला
पंजाब का किसान दिल्ली सीमा पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत है। नौ दिन से किसानों का यह आंदोलन जारी है। जहां किसानों ने दिल्ली सीमा पर आंदोलन का मोर्चा संभाल रखा तो वहीं उनके घरों की महिलाएं खेतों का काम संभाल रही हैं।
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घर की जिम्मेदारी के साथ-साथ महिलाएं खेतों में पानी देने से लेकर पशुओं को चारा डालने तक के सारे काम खुद कर रही हैं। इन महिलाओं का कहना है कि उनके हौसले बुलंद हैं। उनके पति तब तक दिल्ली में डटे रहेंगे, जब तक खेती कानून वापस नहीं होंगे।
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खेत में पानी लगातीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
पातड़ां में अपने खेतों में पानी लगा रही महिला सुरजीत कौर ने कहा कि उसके पति दिल्ली में किसान मोर्चे में हिस्सा लेने गए हैं। वह गेहूं की बिजाई कर गए थे। अब फसल को पानी लगाने की जरूरत थी। पति की गैरहाजिरी में अब वह फसलों को तो नुकसान नहीं होने दे सकती थी। 

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महिलाएं कर रहीं पशुओं के हरे चारे का इंतजाम। - फोटो : अमर उजाला
यही वजह है कि मैं खुद खेत संभाल रही हूं। फसल की सिंचाई और खाद डालने का काम वह खुद कर रही हैं। पशुओं के चारे का इंतजाम भी खुद करना पड़ रहा है। घर से लेकर बाहर तक हर काम को संभाल रही हूं।
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खेतों में महिलाओं ने संभाला मोर्चा।
वहीं नाभा के गांव अगेता की महिला महिंदर कौर ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों पर जो कृषि कानून लादे हैं, उसे किसी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। वह पति की गैरहाजिरी में न फसलों को सूखने देंगी और न बच्चों को भूखा सोने देंगी। घर में रोजमर्रा का कामकाज तो वह करती ही हैं, साथ ही तड़के उठकर खेतों में भी काम करने आती हैं। 
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Punjab - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगी। पुरुषों की गैरहाजिरी में दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगी। ताकि आंदोलन कमजोर न पड़े। पातडां की किसान बीबी अमरजीत कौर ने कहा कि मैंने तो अपने पति से साफ शब्दों में कह दिया कि घर व खेत की फिक्र न करे और मोर्चा फतेह करके ही लौटे।
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