किसान आंदोलन।
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उधर, किसान नेताओं की भावनात्मक अपील और गाजीपुर बॉर्डर राकेश टिकैत के आंसुओं ने एक बार फिर से दांव पलट दिया है। इसका पूरा असर गुरुवार रात से दिखना शुरू हो गया और हरियाणा के सोनीपत, जींद, चरखी दादरी, रोहतक, पानीपत, करनाल, यमुनानगर, सिरसा समेत अन्य जगहों के किसान गाजीपुर व कुंडली बॉर्डर पर दोबारा पहुंचने शुरू हो गए। जहां पहले किसान गाजीपुर गए, वहीं शुक्रवार को कुंडली बॉर्डर पर किसान आने लगे हैं।