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किसानों का बदला मेन्यू, अब पिज्जा-डोसा का इंतजाम, ठंड से बचाएगा ये खास नलकूप

Fri, 11 Dec 2020 02:18 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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किसान आंदोलन। - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। किसान अपने आंदोलन को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। सर्दी में नहाने के लिए किसानों ने देशी नलकूप में गर्म पानी का प्रबंध कर लिया है। किसान लोहे का ऐसा नलकूप लेकर आए है, जिसमें नीचे आग जलाकर पानी डालने से कुछ देर ही गर्म पानी मिलना शुरू हो जाता है।
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सिंघु बॉर्डर पर डटे किसान। - फोटो : अमर उजाला
वहीं किसानों के खान-पान का भी पूरा प्रबंध किया गया है। सर्दी में किसानों को जलेबी, पिज्जा व डोसा भी बांटा जा रहा है। धरना स्थल पर किसानों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। किसान अब पंजाब से ट्रैक्टर-ट्राली में अपने पूरे परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। कुंडली बॉर्डर पर किसानों का धरना लगातार जारी है। किसानों के जोश में अभी तक कोई कमी नहीं आई है।  
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जलेबी वितरित करता युवक। - फोटो : अमर उजाला
किसानों ने ड्रेसिंग का काम गाड़ियों में लगे शीशों से लेना शुरू कर दिया है। बालों पर कलर लगाने से लेकर कंघी करने तक में इन शीशों का उपयोग किया जाता है। कुंडली बॉर्डर पर लगातार लंगर चलाया जा रहा है। जिसमें मेन्यू भी बदल रहा है। अब धरने पर पिज्जा व डोसा जैसी डिश भी तैयार होने लगी है। किसान केवल खुद के लिए ही नहीं, बल्कि राहगीरों के लिए भी नई-नई डिश तैयार कर रहे हैं।

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कुंडली बॉर्डर पर पिज्जा बनाता युवक। - फोटो : अमर उजाला
किसानों ने धरनास्थल पर पिज्जा के साथ-साथ जलेबियां भी तैयार कीं और किसानों व राहगीरों में वितरित की। यहां बच्चों की काफी तादाद को देखते हुए उनकी डिमांड पर पिज्जा तैयार किया गया है। युवा किसान चरणजीत सिंह ने बताया कि हर डिश वह खुद तैयार कर रहे हैं। बाहर से नहीं मंगवा रहे। उनके पास कच्चा माल काफी है। जिससे हर डिश बनाने में मदद मिलती है।
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किसानों के लिए लाया गया खास नल। - फोटो : अमर उजाला
किसानों की लड़ाई में पंजाब के किसान सबसे ज्यादा बढ़चढ़ कर भाग ले रहे हैं। यहां रोजाना पंजाब से किसान व किसानों के समर्थन में लोग अपने परिवारों के साथ पहुंच रहे हैं। पंजाब से कुलबीर कौर अपने पूरे परिवार के साथ धरना स्थल पर आई है। कुलबीर कौर का कहना है कि तीन कृषि कानून किसानों के हक में नहीं हैं। किसान इन्हें किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार को इन्हें वापस लेना ही होगा। 
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लंगर छकते किसान। - फोटो : अमर उजाला
किसान कुंडली बॉर्डर पर लंबी लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं। अब तक अस्थाई तौर पर चल रहे मंच को अब मजबूत बना दिया गया है। करीब 20 हजार रुपये की लागत से लोहे की एंगलों से मंच तैयार किया गया है, जो पूरी तरह से वॉटरप्रूफ है। किसान नेताओं ने बताया कि वह यहां सर्दी के चलते अस्थाई मंच पर असहज महसूस कर रहे थे।
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रोटियां बनाती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली व चंडीगढ़ से पहुंचा अधिवक्ताओं का जत्था
किसानों के समर्थन में हर कोई आकर अपना सहयोग दे रहा है। हरियाणा की बार एसोसिएशनों के बाद दिल्ली व चंडीगढ़ और पंजाब से भी वकीलों के जत्थे धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों के संघर्ष का समर्थन किया। पंजाब के सुप्रीम कोर्ट से वकीलों का एक जत्था कुंडली में धरनारत किसानों के पास पहुंचा और उनके संघर्ष में उनके साथ होने का वादा किया।
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कुंडली बॉर्डर पर परिवार के साथ पहुंची कुलबीर कौर। - फोटो : अमर उजाला
सोनीपत के चिकित्सकों व प्रोफेसरों ने किसानों की मदद के लिए अपना ग्रुप बनाया है। वह किसानों के लिए खीर-हलवा बनाकर ले जा रहे हैं। ग्रुप का नेतृत्व डॉ.अनीता सिंह कर रही है। उनके साथ डॉ. विकास खत्री, डॉ. रवींद्र, देवेंद्र गुलिया, डॉ. सविता, डॉ. सुमन, प्रोफेसर कविता, प्रेम खत्री, नेहा दहिया व संतोष शामिल हैं।
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