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5764 करोड़ में बना केजीपी एक्सप्रेस-वे नहीं झेल पाया बारिश, तस्वीरों में देख लीजिए हाल

Mon, 20 Aug 2018 05:03 PM IST
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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केजीपी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे
5764 करोड़ में बने जिस केजीपी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे का पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था, वह बारिश नहीं झेल पाया। हाल देखेंगे तो कहेंगे हद हो गई।

 
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केजीपी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे
एक्सप्रेस-वे बारिश की पहली ही सीजन में बदहाल हो गया है। एक्सप्रेस वे की सीमेंट वाली मेन सड़क में कई जगह दरारें आ गई हैं। एंट्री प्वाइंट पर बनी तारकोल की सड़क और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की नालियां कई जगहों पर धंस गई हैं। जिन जगहों पर सीमेंट वाली सड़क में दरारें आई हैं, वहां जमीन बैठती जा रही है। वाहन चालकों ने डिवाइडर तोड़कर कट बना लिए हैं। इस तरह केजीपी पर सफर करना हादसों से खाली नहीं रह गया है।
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केजीपी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे
दिल्ली से वाहनों का भार काम करने के साथ ही वाहन चालकों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 5764 करोड़ रुपये से केजीपी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे बनाया गया है। इसका इसी साल 27 मई को पीएम नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। एनएचएआई के अधिकारियों ने दावा किया था कि यह देश का सबसे हाइटेक एक्सप्रेस वे है, जिसपर स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम से लेकर ओवरलोड वाहनों पर रोक रहेगी। सोलर सिस्टम, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए। लड़ाकू विमान तक केजीपी पर भविष्य में उतारे जाने का दावा किया गया था।

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express way
पांच किमी में तीन जगह दरारें
केजीपी को जल्दी शुरू करने के चक्कर में बेहतर तरीके से नहीं बनाया गया। अब हालत यह है कि पांच किमी के दायरे में तीन जगह दरारें आ गई हैं। उत्तर प्रदेश के बागपत की ओर से आते हुए कुंडली में सीमेंट वाली सड़क में मोटी दरार आ गई है, जो  बढ़ती जा रही है। दरार के पास ही सड़क नीचे बैठती जा रही है। टोल टेक्स के पास भी लंबी दरार आ गई है। आर्ट गैलरी की छत पर भी दरार आ गई है।
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एक्सप्रेस वे पर पड़ी दरारें - फोटो : amar ujala
केजीपी पर चढ़ते ही सड़क और नालियां धंसी
नेशनल हाईवे एक से जब केजीपी पर चढ़ते हैं तो मिट्टी दरकने से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की नाली धंसकर टूट चुकी है। पहले भी कई जगह हार्वेस्टिंग सिस्टम की नालियां धंसी थीं, लेकिन उनको ठीक कर दिया गया। नाली धंसी होने से बारिश होने पर सड़क पर पानी भर जाता है। इस कारण सड़क भी धंस गई है। सड़क धंसने से गहरा गड्ढा हो गया है। इसी तरह बढ़खालसा को जाने वाली सड़क से केजीपी पर चढ़ने के लिए बनाई गई सड़क भी मिट्टी दरकने से काफी दूर तक धंस गई है।

 
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औरास में सई नदी पुल में आई दरारों की जांच करती यूपीडा की टीम - फोटो : अमर उजाला
डिवाइडर तोड़कर बना लिया कट
केजीपी को बनाने में ही नहीं उसकी देखरेख में भी लापरवाही बरती जा रही है। हालत यह है कि वाहन चालकों ने डिवाइडर तोड़कर कट बना लिया है। इससे यदि किसी को केएमपी पर जाना है तो वह केजीपी पर चढ़कर कट से निकलकर केएमपी पर पहुंच जा रहा है। इससे वाहन चालक केएमपी-केजीपी का पुल पार करने से बच जाते है, लेकिन इससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
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kgp express way - फोटो : अमर उजाला
बारिश के बाद कई जगह सड़क के किनारों की मिट्टी धंस गई है, लेकिन इससे किसी जगह सड़क में दरार आई है या धंसी है, इस बारे में पता लगाया जाएगा। कंपनी को अभी चार साल तक मेंटीनेंस करना है। उससे सड़क को पूरी तरह से ठीक कराया जाएगा।
- आशीष जैन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई
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