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करवा चौथ 2019: इस बार कुछ ऐसा है लग्न और राशि चक्र, सुहागिनों को मिलेगा मनवांछित फल

Thu, 17 Oct 2019 09:15 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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करवा चौथ
करवा चौथ पर इस बार लग्न और राशि चक्र कुछ ऐसा बन रहा है कि लोगों का दांपत्य जीवन सुखमय होगा और सुहागिनों को मनवांछित फल की प्राप्ति होगी। 
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करवा चौथ
करवा चौथ का पर्व 17 अक्तूबर गुरुवार को है। चंद्रोदय रात 8.15 बजे है। चंद्रोदय के समय लग्न में चंद्रमा उच्च का है। लग्न का स्वामी शुक्र तुला राशि का होकर छठे भाव में है। सप्तम भाव में वृहस्पति हैं। इससे दांपत्य जीवन सुखमय होगा। करवाचौथ सौभाग्यवती महिलाओं का व्रत है। पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य, समृद्धि की कामना से कठिन व्रत करती हैं।
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करवा चौथ
यह कहना है चंडीगढ़ में सेक्टर 30 स्थित श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र का। उन्होंने कहा कि कुंवारी कन्याएं भी अपने अनुकूल पति की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। करवाचौथ के दिन गौरी गणेश और शिव परिवार की पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य देकर जल ग्रहण करती हैं। 

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करवा चौथ
इस व्रत का आरंभ माता पार्वती ने अपनी मनोकामना की प्राप्ति के लिए किया था। चतुर्थी तिथि गुरुवार सुबह 6.49 बजे से शुरू होकर 18 अक्तूबर शुक्रवार को सुबह सात बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी। 17 अक्तूबर को कृतिका नक्षत्र दोपहर तीन बजकर 51 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। रोहिणी नक्षत्र दोपहर तीन बजकर 52 मिनट से प्रारंभ होकर 18 अक्तूबर को शाम चार बजकर 59 मिनट पर समाप्त हो रहा है।
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उधर, देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर 18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा उच्च का है। करवा चौथ व्रत का संबंध चंद्रमा से है। उन्होंने कहा कि जिसकी कुंडली में चंद्रमा नीच का होने के कारण विवाह होने में विलंब, पति-पत्नी में मतभेद हो तो करवाचौथ व्रत करने पर मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
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