करनाल की जिला जेल में हवालाती की मौत हो गई। पुलिस की ढीली कार्रवाई से खफा परिजनों ने दिनभर अस्पताल के बाहर बवाल काटा। देखिए, पूरा मामला।
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'जेल में जान तो चली ही गई है, अब शव ही दिला दो साहब'
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मामला, जेल में बंद घरौंडा के अनोखा कॉलोनी वासी हवालाती गंगाराम (27) की मौत से जुड़ा है। गंगाराम को पेट में दर्द होने पर जेल के अस्पताल में ले जाया गया, जहां से उसे कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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'जेल में जान तो चली ही गई है, अब शव ही दिला दो साहब'
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हवालाती की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर पुलिस शाम तक उलझी रही। पुलिस द्वारा काफी देर तक कागजी कार्रवाई शुरू न करने पर पीड़ितों ने विरोध जता दिया। विरोध के बाद पुलिस कार्रवाई में लग गई। शाम को पोस्टमार्टम के लिए शव को रोहतक रेफर किया गया।
'जेल में जान तो चली ही गई है, अब शव ही दिला दो साहब'
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बताया जाता है कि युवक ने तीन साल पहले एक कंपनी से फाइनेंस करवाकर टाटा मैजिक गाड़ी ली थी। इसकी वह किश्त न भर सका। इस पर कंपनी ने युवक के खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया। फाइनेंस के केस में युवक दो दिसंबर से बतौर हवालाती जिला जेल में बंद था। इसकी मौत हो गई।
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मृतक गंगाराम की पत्नी सुनीता ने बताया कि उनके द्वारा ली गई गाड़ी को कंपनी ने उठा लिया है। इसके बाद भी फाइनेंसर गंगाराम के साथ मारपीट करते थे। इससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इस बारे में सदर थाना प्रभारी ललित कुमार का कहना है कि परिजनों को समझा दिया गया है।