पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक
शुक्रवार को चंडीगढ़ के मिलिट्री लिटरेचर फेस्ट में सेना के पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीपी मलिक ने यह खुलासा करते हुए कहा चूंकि बारूद पुराना था, इसलिए युद्ध में इसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया गया। मगर यह एक विडंबना से कम नहीं था। इसी तरह बाहर से कुछ नई तोपों भी मंगवाई गई थी, मगर बाद में मालूम चला कि सप्लाई नई तोपों की नहीं, बल्कि पुरानी तोपों की होगी। ऐसे में इसे भी रद्द कर दिया गया। जनरल मलिक ने कहा कि कारगिल युद्ध में सैन्य हथियारों व उपकरणों की कमी बहुत खली थी, दरअसल, ‘मेक इन इंडिया’ की असली जरूरत तो उस वक्त महसूस हुई थी।