शिमला की सैर पर निकलने वाले लोगों को अब टॉय ट्रेन में एक नई चीज दिखाई देगी। इसका पर्यटकों को बहुत बड़ा फायदा होगा। जानिए क्या?
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टॉय ट्रेन में नहीं दिखेगी अंग्रेजों के जमाने की एक चीज, तस्वीरें
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दरअसल, टॉय ट्रेन सौर ऊर्जा से जगमगाएगी। अंग्रेजों के समय से रेल इंजन में लगे डायनमो से बिजली पैदा कर बोगियों तक पहुंचाने की तकनीक शिमला-कालका वर्ल्ड हेरिटेज ट्रैक में बदलने जा रही है।
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रेलवे विभाग ने यह कवायद शुरू कर दी है। अब हर बोगी में सौर ऊर्जा के पैनल लगेंगे। इससे रेल डिब्बों में कभी बत्ती गुल नहीं होगी। टनल और प्रमुख रेलवे स्टेशनों में भी सोलर ऊर्जा से प्रकाश किया जाएगा।
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रेलवे विभाग शिवालिक सोलर पैनल से ट्रेन की बोगियों तक लाइट पहुंचाने का सफल ट्रायल कर चुका है। बताया जा रहा है कि पहाड़ों में दौड़ने वाली हर रेलगाड़ी को इससे लैस किया जाएगा।
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103 टनल वाले शिमला-कालका हेरिटेज ट्रैक में लाइट का अहम रोल है। वर्तमान में इंजन के घर्षण से डायनमो से बिजली तैयार होकर बैटरी तक पहुंचती है। यहां से डिब्बों तक लाइट पहुंचाई जाती है। अगर किसी डिब्बे में बिजली की तार का लिंक टूट जाए या बैटरी खराब हो जाए तो रेल में अंधेरा छा जाता है।
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सौर ऊर्जा के पैनल टॉय ट्रेन के हर डिब्बे पर लगेंगे। वहीं से बिजली डिब्बों तक पहुंचेगी। स्टेशनों से लेकर टनल तक बिजली की व्यवस्था करना मुश्किल भरा होने के साथ काफी महंगा भी थी। खर्चा बचाने और सहूलियत बढ़ाने को रेलवे विभाग व्यवस्था बदल रहा है।
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कालका-शिमला में चलने वाली ट्रेनों में विभाग ने 12 बोगियों में यह सुविधा दी है। इनके ट्रायल सफल हुए हैं। सभी बोगियों में सौर ऊर्जा के उपकरण लगाए हैं, जिनसे बिजली चार्ज होगी। भविष्य में पठानकोट-जोगिंद्रनगर ट्रेन को भी इसी तकनीक से संचालित किया जाएगा। हेरिटेज शिमला-कालका ट्रैक पर दौड़ने वाली टॉय ट्रेन के सात डिब्बे हैं।
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कालका-शिमला के बीच रेल ट्रैक चौड़ाई में छोटा है। 96 किमी की दूरी, 102 सुरंगों और 87 पुलों से होकर गुजरता है। अभी भी ट्रैक इंटरलॉकिंग के लिए पुरानी टोकन उपकरण प्रणाली का उपयोग होता है। इस ट्रैक में 20 से अधिक स्टेशन हैं।
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अंबाला रेलवे के डीआरएम दिनेश कुमार ने बताया कि कालका-शिमला की 12 बोगियों में यह प्रशिक्षण सफल हुआ है। जल्द सभी बोगियों में यह सिस्टम लगाया जाएगा। सौर ऊर्जा का प्रयोग करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इससे टनल और रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा से जगमग हो सकें।