फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आशुतोष सिंगला यूं ही नहीं बने JEE मेन्स के टॉपर, ये तरीका अपनाकर रचा इतिहास, लीजिए टिप्स

Mon, 21 Jan 2019 03:49 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
विज्ञापन
1 of 6
आशुतोष सिंगला
आशुतोष सिंगला जेईई मेन्स के टॉपर बने, लेकिन ये सफलता उन्हें यूं ही नहीं मिल गई। इसके लिए उन्होंने एक ट्रिक अपनाई, आप भी लीजिए टिप्स बेहद काम आएंगे।
विज्ञापन

2 of 6
फाइल फोटो
मन में अगर लक्ष्य पाने की इच्छा हो तो आपको उसके लिए दिन-रात समर्पित होने की आवश्यकता हैं। बस हमें तय कर लेना चाहिए कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए कितना समय निकालना है और उस समय में केवल लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत करनी है। यह कहना है जेईई मेंस में हरियाणा टॉपर पंचकूला निवासी आशुतोष सिंगला का।
विज्ञापन

3 of 6
डेमो - फोटो : डेमो
आशुतोष सिंगला को उनकी उपलब्धि के लिए भवन विद्यालय सेक्टर-15 में स्कूल प्रिंसिपल और डायरेक्टर की ओर से सम्मानित किया गया। इस मौके पर आशुतोष के पिता अशोक सिंगला भी उपस्थित रहे। इस दौरान आशुतोष ने बताया कि वह अपनी इस उपलब्धि का श्रेय स्कूल स्टाफ और परिजनों को देते हैं, जिन्होंने उन्हें पूरा सहयोग दिया है।

4 of 6
exam
आशुतोष सिंगला ने बताया कि वह अपनी बहन पुनीत सिंगला को आदर्श मानते हैं, जो अभी पटियाला में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। वह स्कूल में क्लास लगाने के अलावा छह घंटे की सेल्फ स्टडी करते थे। पुराने पेपर्स को साल्व करते थे, ताकि समय पर टेस्ट देकर उसे रिव्यू कर सकें। इसके लिए उन्होंने अपने स्कूल के सीनियर जेईई मेन टॉपर्स से भी सलाह ली थी।
विज्ञापन

5 of 6
डेमो - फोटो : डेमो
आशुतोष ने बताया कि वह भविष्य में इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्होंने अपना लक्ष्य पिता को देख कर निर्धारित किया। हालांकि अभी उन्होंने यह नहीं तय किया कि वह कौन सी इंजीनियरिंग करेंगे। आशुतोष पंचकूला सेक्टर-4 के रहने वाले हैं। उनके पिता हाउसिंग बोर्ड में एसडीओ हैं और उनकी माता बैंक मैनेजर हैं। पिता अशोक सिंगला ने बताया कि उन्हें गर्व है कि उनके बेटे ने जेईई मेन में हरियाणा से टॉप किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
exam paper
अब उनका प्रयास रहेगा कि वे जेईई एडवांस के लिए आशुतोष को प्रोत्साहित करें। किसी अच्छे इंस्टीट्यूट से आगे की पढ़ाई करें। फिलहाल आशुतोष को आगे की पढ़ाई के लिए वह किसी स्कूल में भेजेंगे। इसके लिए उन्होंने कुछ तय नहीं किया। भवन विद्यालय सेक्टर-15 की प्रिंसिपल गुलशन कौर ने आशुतोष की इस उपलब्धि पर मिठाई खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें