हरियाणा के जाट, आरक्षण आंदोलन के लिए मंहगी-मंहगी गाड़ियों से पहुंच रहे हैं। रैलियों में ऑडी से लेकर फार्चूनर तक दिखाई दे रही है। देखिए
विज्ञापन
2 of 8
जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
जाट आरक्षण समेत कई मांगों को लेकर चल रहे धरने में जाटों ने एक बार फिर एकजुटता दिखाई। जसिया धरना स्थल पर मनाए गए बलिदान दिवस में बड़ी तादात में लोग पहुंचे और आंदोलन में मारे गए युवाओं और सेना के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। बलिदान दिवस पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने घोषणा करते हुए कहा कि सरकार जितनी चाहे उतनी फोर्स लगा लें, अब आंदोलन का दायरा बढ़ाकर जाट दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। सरकार की हठधर्मिता से जाट पीछे हटने वाले नहीं है।
विज्ञापन
3 of 8
जाट आरक्षण आंदोलन
पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुसार, जसिया धरना स्थल पर लोगों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई। दोपहर तक भीड़ की संख्या इतनी बढ़ गई कि रोहतक-पानीपत हाईवे पर भी उनका कब्जा हो गया। हाइवे के दोनों तरफ कई-कई किलोमीटर दूर तक भीड़ इकट्ठा हो गई। आंदोलन में लाल रंग की ऑडी भी आई। वक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। यहां तक कि महिलाओं ने भी मंच पर आकर सरकार को कोसा। करीब दो बजे समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सरकार को खुला अल्टीमेटम दिया कि अब जो चाहे कर लें, मांग पूरी होने तक जाट पीछे नहीं हटेंगे।
4 of 8
जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद उन्होंने भीड़ से अनुमति लेकर आंदोलन की आगामी रणनीति का खुलासा किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अभी तक प्रदेश में 20 स्थानों पर धरने चल रहे हैं। एक मार्च से इनकी संख्या बढ़ाकर 30 कर दी जाएगी। 2 मार्च को दिल्ली में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया जाएगा और उसी दिन संसद घेराव की तारीख भी तय कर दी जाएगी। सरकार के खिलाफ एक मार्च से असहयोग आंदोलन करने का भी घोषणा की गई। एक दिन दिल्ली में दूध की सप्लाई भी बंद कर की जाएगी।
विज्ञापन
5 of 8
जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
मंच के माध्यम से नेताओं को भी चेतावनी दी गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि 27 फरवरी से पहले लिखित में धरने को समर्थन दें, नहीं तो उनका चुनाव में बहिष्कार किया जाएगा। इसके अलावा भी कई अन्य प्रस्तावों पर सहमति जताई गई। धरने पर भारी संख्या में रामपाल के समर्थक भी पहुंचे। उन्होंने भी मंच पर आकर जाट समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया। उधर, पुलिस-प्रशासन भले ही सुरक्षा के दावे कर रहा हो, लेकिन धरना स्थल के आसपास एक भी पुलिसकर्मी की ड्यूटी नहीं थी। जसिया धरने के कई किलोमीटर दूर मकड़ौली टोल पर फोर्स को लगाया गया था।
विज्ञापन
6 of 8
जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
डीजे बजाकर नाचते-गाते पहुंचे युवा धरनास्थल पर
धरनास्थल पर डीजे न लाने की हिदायतें प्रशासन द्वारा दिए जाने के बावजूद कुछ युवा डीजे बजाकर नाचते-गाते व नारेबाजी कर धरनास्थल पर पहुंचे। डीजे लेकर पहुंचने वाला युवकों का यह एकमात्र जत्था था। प्रशासन ने तो उस वक्त इस हरकत को नजरअंदाज कर दिया लेकिन धरनास्थल पर तैनात वालंटियर्स को यह हरकत रास नहीं आई। उन्होंने उक्त युवाओं से हाथ जोड़कर डीजे बंद करने की अपील की। इसके कुछ देर बाद वहां डांस करने के बाद युवाओं ने डीजे बंद कर दिया और कुछ देर बाद इसे लेकर वहां से रवाना हो गए।
विज्ञापन
7 of 8
जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे लोग
धरनास्थल पर वाहनों की आवाजाही के चलते लोहारू चौक व महेंद्रगढ़ चौक के बीच करीब दो घंटे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। धरनास्थल पर वाहनों के लंबे काफिले लेकर प्रदर्शनकारी पहुंचे। लोहारू चौक व महेंद्रगढ़ चौक की तरफ से आने वाले ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने के चलते धरनास्थल पर रेंगकर पहुंचे। वहीं, प्रदर्शनकारी तो वाहनों से उतरकर पैदल ही धरनास्थल पर पहुंचे।
मौजिज लोगों को ही बैठने दिया मंच पर
रविवार को आयोजित कार्यक्रम में लोगों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद के साथ संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने सेक्टर की सड़क की बजाय खाली पड़ी जगह पर मंच सजाकर लोगों के बैठने की व्यवस्था भी की। मंच सहित तमाम कार्यक्रम में व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब दो सौ वालंटियर्स की ड्यूटियां लगाई गई। इसके अलावा मंच पर हर खाप के प्रतिनिधि व कुछेक संगठनों के पदाधिकारियों को ही बैठने दिया गया। मंच पर भीड़ बढ़ते ही लोगों से नीचे बैठने की अपील भी लगातार की गई।