8 साल के इस बच्चे को गांव के लोग भगवान गणेश की तरह पूजते है, वजह भी है। ये बच्चा जो बोलता है सच हो जाता है, देखिए
विज्ञापन
2 of 8
6 साल का ये बच्चा क्यों बन गया 'भगवान गणेश'
वैसे तो हमारे देश में बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है, लेकिन इसके पीछे की वजह धार्मिक नहीं है। बच्चों का दिल साफ होता है, उनके दिल में पक्षपात नहीं होता। इस कारण बच्चों को भगवान के रूप में देखा जाता है। लेकिन यहां का मामला थोड़ा अलग है।
विज्ञापन
3 of 8
Jalandhar Pranshu
मामला पंजाब के जालंधर का है। यहां एक बच्चे को उसकी शक्ल के चलते लोगों ने भगवान बना दिया है। लोग उसे भगवान मान कर पूजा अर्चना में लगे हुए है।
4 of 8
Jalandhar Pranshu
जानकारी के अनुसार कमलेश नामक व्यक्ति के घर 8 साल पहले बेटे प्रांशु का जन्म हुआ। बच्चे को जिसने भी देखा वह चकित रह गया। बच्चे का सिर सामान्य से कुछ बड़े आकार का था तथा आंखें सामान्य आकार से कुछ छोटी थी। इसी वजह से बच्चे का चेहरा कुछ अनुपात में पौराणिक भगवान गणेश के जैसा ही था।
विज्ञापन
5 of 8
Jalandhar Pranshu
पिता कमलेश मिस्त्री हैं और मां राजिंदरी हाउस वाइफ। इनकी पांच संतानों में एक प्रांशु ऐसा है, जिसके सिर की हड्डी नहीं है। उसकी टांगें कमजोरी के कारण शरीर का भार उठाने में असमर्थ हैं। वह ठीक से चल नहीं पाता।
विज्ञापन
6 of 8
Jalandhar Pranshu
लोगों का मानना है कि प्रांशु की कही बात सच हो जाती है। प्रांशु परिवार वाले मैया दरबार में गणेशजी का रूप देकर बैठा देते हैं, जहां लोग प्रांशु के आगे माथा टेक चढ़ावा देते हैं।
विज्ञापन
7 of 8
Jalandhar Pranshu
गांव के काफी स्त्री-पुरुष आर्शीवाद लेने के लिए प्रांशु के पास में आते हैं। लोगों में यह धारणा बन गई है कि अगर यह बच्चा किसी को आशीर्वाद दे दे तो उस व्यक्ति की किस्मत बदल जाती है।
लेकिन बड़ा सवाल है कि एक 8 साल के बच्चे की मासूमियत से खिलवाड़ करके उसे धर्म का नाम देना कहां तक सही है। ये सवाल हम इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि 2017 में भी भारत में अंधविश्वास फैला हुआ है और हैरानी होती है कि लोग कैसे ऐसी कोरी बातों पर विश्वास कर लेते हैं?