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इस बच्चे को लोग मानते हैं भगवान गणेश का स्वरूप, सच साबित होता है आशीर्वाद

Thu, 08 Jun 2017 09:14 AM IST
amarujala.com- Presented by: रिशु राज सिंह
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इस बच्चे को लोग मानते हैं भगवान गणेश का स्वरूप
8 साल के इस बच्चे को गांव के लोग भगवान गणेश की तरह पूजते है, वजह भी है। ये बच्चा जो बोलता है सच हो जाता है, देखिए 
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6 साल का ये बच्चा क्यों बन गया 'भगवान गणेश'
वैसे तो हमारे देश में बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है, लेकिन इसके पीछे की वजह धार्मिक नहीं है। बच्चों का दिल साफ होता है, उनके दिल में पक्षपात नहीं होता। इस कारण बच्चों को भगवान के रूप में देखा जाता है। लेकिन यहां का मामला थोड़ा अलग है।
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Jalandhar Pranshu
मामला पंजाब के जालंधर का है। यहां एक बच्चे को उसकी शक्ल के चलते लोगों ने भगवान बना दिया है। लोग उसे भगवान मान कर पूजा अर्चना में लगे हुए है।

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जानकारी के अनुसार कमलेश नामक व्यक्ति के घर 8 साल पहले बेटे प्रांशु  का जन्म हुआ। बच्चे को जिसने भी देखा वह चकित रह गया। बच्चे का सिर सामान्य से कुछ बड़े आकार का था तथा आंखें सामान्य आकार से कुछ छोटी थी। इसी वजह से बच्चे का चेहरा कुछ अनुपात में पौराणिक भगवान गणेश के जैसा ही था। 
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पिता कमलेश मिस्त्री हैं और मां राजिंदरी हाउस वाइफ। इनकी पांच संतानों में एक प्रांशु ऐसा है, जिसके सिर की हड्डी नहीं है। उसकी टांगें कमजोरी के कारण शरीर का भार उठाने में असमर्थ हैं। वह ठीक से चल नहीं पाता।
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लोगों का मानना है कि प्रांशु की कही बात सच हो जाती है। प्रांशु परिवार वाले मैया दरबार में गणेशजी का रूप देकर बैठा देते हैं, जहां लोग प्रांशु के आगे माथा टेक चढ़ावा देते हैं।
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गांव के काफी स्त्री-पुरुष आर्शीवाद लेने के लिए प्रांशु के पास में आते हैं। लोगों में यह धारणा बन गई है कि अगर यह बच्चा किसी को आशीर्वाद दे दे तो उस व्यक्ति की किस्मत बदल जाती है।
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लेकिन बड़ा सवाल है कि एक 8 साल के बच्चे की मासूमियत से खिलवाड़ करके उसे धर्म का नाम देना कहां तक सही है। ये सवाल हम इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि 2017 में भी भारत में अंधविश्वास फैला हुआ है और हैरानी होती है कि लोग कैसे ऐसी कोरी बातों पर विश्वास कर लेते हैं?
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