देखिए इस शख्स ने जेल में फांसी लगा ली, लेकिन कोई इसका शव नहीं लेना चाहता। मां और पत्नी ने भी इंकार कर दिया, क्योंकि इसने गुनाह ही ऐसा किया था।
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Morni Tripple Murder
- फोटो : अमर उजाला
मामला हरियाणा के पेहोवा का है। ये शख्स कोई और नहीं, वही जगदीप है जिसने अपने ही दो सगे भतीजों और भतीजी को मोरनी के जंगलों में ले जाकर गोली मार दी थी। इसने ही कुछ समय पहले अपने भाई की भी हत्या की थी। वीरवार रात जगदीप ने जेल में ही फंदा लगाकर जान दे दी। अब उसका शव लेने से परिजनों ने इनकार कर दिया है।
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बाप ने आदेश दिया...चाचा ने मार दिए तीनों बच्चे
मृतक के गांव सारसा में शुक्रवार को हुई पंचायत में एलान किया कि शव गांव में नहीं आने देंगे। उधर एलएनजेपी सिविल अस्पताल की मोर्चरी में पुलिस दिन भर शव सुपुर्दगी के लिए इंतजार करती रही। गौरतलब है कि सगे भाई-बहन समर, सिमरन, समीर और अपने भाई की हत्या के आरोपी जगदीप ने वीरवार को जेल के बाथरूम में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने इसकी सूचना परिजनों को दे दी थी।
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मोरनी हिल्स में मिले तीन बच्चों के शव
पंचायत में एलान किया कि जगदीप के अंतिम संस्कार के लिए गांव में दो इंच जमीन भी नहीं दी जाएगी। इस एलान के बाद ग्रामीण पिहोवा तहसील पहुंचे और तीन एकड़ 18 मरले जमीन की रजिस्ट्री मृतक बच्चों की मां सुमन के नाम करवा दी। चौकी इंचार्ज ने बताया कि जगदीप की पत्नी रीना ने लिखित में दे दिया है कि वे शव नहीं लेंगे। 72 घंटे तक यदि जगदीप के परिजन शव लेने नहीं आए तो नियमानुसार अंतिम संस्कार करवा दिया जाएगा।
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मोरनी में तीन बच्चों की हत्या
मां को दी संस्कार की इजाजत तो किया इनकार
पंचायत ने जगदीप की मां को उसका शव लेकर अंतिम संस्कार करने की इजाजत दी थी। साथ ही स्पष्ट किया कि उसके साथ गांव का कोई भी व्यक्ति शव लेने नहीं जाएगा। हालांकि जगदीप की मां ने भी शव का संस्कार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने गांववालों के साथ ही सहमति जता दी। जगदीप पत्नी रीना ने भी शव लेने से इंकार कर दिया। देर रात तक जगदीप का शव अस्पताल की मोर्चरी में ही रखा रहा।
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मोरनी हिल्स में मिले तीन बच्चों के शव
बच्चों की मां के नाम कराई जमीन
जगदीप के हाथों मारे गए बच्चों के दादा जीता राम के नाम करीब सात एकड़ जमीन थी। शव लेने के स्थान पर शुक्रवार को इसमें से आधी जमीन सुमन के नाम करवा दी गई। हालांकि बच्चों का दादा जमीन सुमन के नाम करवाने में आनाकानी कर रहा था, लेकिन बाद में वह मान गया और करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन सुमन के नाम करवा दी। इस दौरान कई गांववासी तहसील परिसर में ही मौजूद रहे।
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मोरनी हिल्स में मिले तीन बच्चों के शव
पुलिस प्रशासन पर लगाया साजिश का आरोप
बच्चों के दादा के चचेरे भाई राजेश मलिक ने आरोप लगाया कि पुलिस शुरुआत से ही इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। जेल में सुरक्षा के बावजूद जगदीप ने आत्महत्या कर ली। यह संभव नहीं हो सकता। इसमें जरूर कुछ राज है। किसी साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया है। चचेरे भाई के तीन बच्चों और अपने भाई की हत्या करने वाला इतना कमजोर नहीं हो सकता कि आत्महत्या कर ले। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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मोरनी हिल्स में मिले तीन बच्चों के शव
एफएसएल में होगी बिसरे की जांच
वीरवार देर शाम आत्महत्या कर चुके जगदीप के शव का शुक्रवार सुबह डॉ. एसएस अरोड़ा सहित दो अन्य डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद इसका बिसरा मधुबन स्थित एफएसएल में जांच के लिए बेच दिया गया है। पुलिस के अनुसार अभी पोस्टमार्टम में फंदे से मौत साबित हुई है। बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस अगला कदम उठाएगी।
अभी अधूरा है बच्चों का इंसाफ
मृतक बच्चों की मां सुमन ने बताया कि जगदीप ने आत्महत्या कर ली। ये खबर तो सही है, लेकिन उसके लिए यह सजा बहुत ही कम है। भगवान को उसे तो अभी और तडपाना था। रोते हुए कहा कि अभी भी बच्चों का इंसाफ अधूरा है। जब तक इस मामले में शामिल सभी अपराधियों को सजा नहीं मिलती, तब तक बच्चों का इंसाफ अधूरा ही रहेगा। उसे शुरू से ही बच्चों के पिता सोनू पर शक है कि वह इस हत्याकांड में शामिल है।