एयरफोर्स की फ्लाइंग अफसर
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मगर बर्फ से लदी रूद्रगेरा चोटी पर टीम ने सुबह 5 बजे चढ़ाई शुरू की, 11 बजे चोटी पर तिरंगा फहराया और दोपहर 3 बजे सकुशल वापस लौट आई। उनके अनुसार टास्क बेहद खतरनाक था और कई तरह की दिक्कतों ने इसे नामुमकिन बनाने की भी कोशिश की। मगर किसी टीम मेंबर का हौसला न टूटे और कोई बीच में न छूट जाए, बतौर टीम लीडर उनके लिए ये काम भी बहुत मुश्किल था। नतीजतन पांचों महिला अफसरों ने 100 फीसदी इस टास्क को पूरा किया। उनके साथ दो अन्य सिविलियन पर्वतारोही भी थे, वे भी चोटी पर चढ़े। चोटी पर चढ़ने वालों में फ्लाइंग अफसर कल्पना चमोली, रीना एंजल, सुवर्ना जोशी और सिविलयन से 10वीं कक्षा की छात्रा वंदिता थीं।