फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुश्ती 'क्वीन', 13 में शादी, 14 में जुड़वां बच्चे, 21 में चैंपियन

Mon, 12 Oct 2015 10:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 6
तस्वीरों में मिलिए, कुश्ती की दुनिया की इस 'क्वीन' से। इसकी हिम्मत और जज्बे की कहानी पढ़कर आप इस पर नाज करेंगे। रिपोर्ट: अंकित चौहान, रोहतक।
Trending Videos
विज्ञापन

कुश्ती 'क्वीन', 13 में शादी, 14 में जुड़वां बच्चे, 21 में चैंपियन

2 of 6
मिल‌िए हरियाणा की कुश्ती क्वीन बेटी से, जिसने मुश्किलों के अखाड़े में हौसलों का दंगल दिखाकर लगा दिया मैडलों का अंबार। दरअसल यह कहानी है सपनों को साकार करने की। एक बच्ची जिसने पहलवान बनने का सपना संजोया, लेकिन 13 साल की उम्र में उसकी शादी कर दी गई। 14 की उम्र में जुड़वा बच्चों की मां भी बनी, लेकिन सपना नहीं टूटा।

विज्ञापन

कुश्ती 'क्वीन', 13 में शादी, 14 में जुड़वां बच्चे, 21 में चैंपियन

3 of 6
पुरानी जिंदगी को भुलाकर वह 2011 में अखाड़े में उतरी। आज 21 साल की उम्र में वह नेशनल स्तर की महिला पहलवान है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदकों का अंबार लगा दिया। परिवार चलाने के लिए घर में सिलाई करती है। ओलंपिक की तैयारी के लिए रोजाना प्रैक्टिस को घर से 40 किलोमीटर दूर आती है। यह कहानी है भिवानी में जन्म लेने वाली नीतू की।

कुश्ती 'क्वीन', 13 में शादी, 14 में जुड़वां बच्चे, 21 में चैंपियन

4 of 6
बचपन में परिवार वालों ने हमेशा अखाड़े में जाने का विरोध किया और 13 साल की उम्र में भिवानी में ही अधेड़ से शादी कर दी। यहां से एक माह बाद ही नीतू मायके आ गई और उसी साल रोहतक जिले के महम ब्लॉक के बेड़वा में संजय कुमार के साथ दूसरी शादी हो गई। 14 साल की उम्र में जुड़वां बच्चों की मां बनने के साथ ही उसका पहलवान बनने का सपना पूरी तरह से खत्म होता दिखने लगा।

विज्ञापन

कुश्ती 'क्वीन', 13 में शादी, 14 में जुड़वां बच्चे, 21 में चैंपियन

5 of 6
2011 में अपने पति संजय को पहलवान बनने के सपने के बारे में बताया। संजय ने साथ दिया और रोजाना भिवानी के अखाड़े में जाना शुरू कर दिया। वहां लड़कों के अखाड़े में प्रैक्टिस करना बड़ी चुनौती थी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। बाद में रोहतक के छोटूराम स्टेडियम में प्रैक्टिस करने लगी। नीतू ने स्टेट स्तर पर दर्जनों गोल्ड, सिल्वर व ब्रांज जीते और अब उसके कदम नेशनल व इंटरनेशनल की ओर चल निकले हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कुश्ती 'क्वीन', 13 में शादी, 14 में जुड़वां बच्चे, 21 में चैंपियन

6 of 6
नवंबर 2014 में नेशनल सीनियर रेसलिंग चैंपियनशिप में ब्रांज जीता तो अप्रैल 2015 में जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर। जनवरी 2015 में नेशनल गेम्स में भी नीतू ने कांस्य पदक झटका। ब्राजील में अगस्त 2015 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में नीतू की भागीदारी रही। सपना ओलंपिक खेलने का। नीतू कहती हैं कि अगर जज्बा व हिम्मत रहती है तो इंसान जिंदगी में कुछ भी कर सकता है। अगर जिंदगी के उतार-चढ़ाव में टूट जाती तो आज यहां तक नहीं पहुंचती।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें