एक तरफ छोटे गांवों-शहरों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार की बातें होती हैं और दूसरी तरफ बच्चों कों बेहतर भविष्य के नाम पर मिलने वाली सुविधाएं भी देख लीजिए...
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स्टॉक में रखी गेंहूं में लगे जाले।
ये जो तस्वीरें आप देख रहे हैं, वह हरियाणा के अंबाला के गांव फतेहपुर के एक स्कूल की हैं। यहां बच्चे अपना भविष्य संवारने के लिए आते है लेकिन यहां तो उनके ही जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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मिड डे मिल में प्रयोग में लाए जाने वाले आटे में रेंगते कीड़े।
गांव फतेहपुर के स्कूल में मिड डे मील के अनाज में कीड़े और बर्तनों में मेंढक मिलने की खबर सामने आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। बच्चों को परोसे जाने वाले मिड डे मील के अनाज के रखरखाव में लापरवाही नजर आ रही है।
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मिडडे मिल में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों में घूमते मेंढ़क।
गांव फतेहपुर के राजकीय उच्च विद्यालय का मामला मंगलवार को जब ग्रामीणों के सामने लाया गया तो उन्होंने स्कूल में जाकर इसे चेक किया। इस दौरान पाया कि मिड डे मील के अनाज के रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है।
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मिडडे मिल में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों में घूमते मेंढ़क।
अनाज में जहां कीड़े मिले, वहीं गेहूं के स्टॉक में जाले लगे थे। बर्तनों में मेंढक कूद रहे थे। इस बारे में स्कूल के मुखिया ने पहले तो इनकार कर दिया।
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स्टॉक में रखी गेंहूं में लगे जाले।
जब उनको सचाई दिखाई गई तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ग्रामीणों ने कहा कि यह हालात काफी समय से हैं। मामला डीईओ के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने जांच के आदेश दे दिए।
मिड डे मील का रखरखाव अहम है। इसमें किसी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यदि स्कूल में इसके रख-रखाव में अनियमितताएं और लापरवाही बरती गई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
- उमा शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी।