साहीवाल गाय।
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तीन प्रत्यक्ष घटक गोबर, मूत्र व दूध हैं। दो व्युत्पन्न उत्पाद दही और घी हैं। प्राचीन ग्रंथ भेल संहिता, कश्यप संहिता, चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, मद निग्रह व रस तंत्र सार मानव जीवन में पंचगव्य की दिव्यता और महत्व के बारे में अत्यधिक बात करते हैं। ऐसा माना जाता है कि पंचगव्य के सेवन से शरीर के साथ मानसिक विकार भी दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि साहिवाल गाय भारत में सबसे अच्छी डेयरी नस्लों में से एक है। भारत व पाकिस्तान सीमा क्षेत्र इसका उद्गम स्थल है।